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Panipat News: सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी निजी संस्थानों में सीखेंगे नई तकनीकें, स्कूल ट्विनिंग कार्यक्रम को मंजूरी

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-प्रदेश में योजना के लिए 71.40 लाख रुपये का बजट स्वीकृत, निजी स्कूलों और उच्च शिक्षण संस्थानों से जुड़ेंगे सरकारी स्कूल
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- जिले के खंड पानीपत, समालखा, इसराना, बापौली और मतलौडा के स्कूल भी होंगे शामिल

संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को अब निजी स्कूलों और उच्च शिक्षण संस्थानों में जाकर नई तकनीकों, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और शैक्षणिक गतिविधियों को करीब से समझने का अवसर मिलेगा। इसके लिए प्रदेश में स्कूल ट्विनिंग कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। कार्यक्रम के तहत सरकारी स्कूलों को निजी स्कूलों और उच्च शिक्षण संस्थानों के साथ जोड़ा जाएगा, ताकि विद्यार्थी एक-दूसरे के शैक्षणिक वातावरण को समझ सकें और नए अनुभव प्राप्त कर सकें।
इस कार्यक्रम के लिए प्रदेश में 71.40 लाख रुपये का बजट मंजूर किया गया है। योजना का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता बेहतर बनाने के साथ विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा और तकनीकी ज्ञान से जोड़ना है। इसके तहत विद्यार्थियों को दूसरे शिक्षण संस्थानों का भ्रमण कराया जाएगा। वहां उपलब्ध स्मार्ट क्लास, विज्ञान प्रयोगशालाओं, कंप्यूटर लैब, पुस्तकालय और अन्य आधुनिक सुविधाओं की जानकारी दी जाएगी।
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जिले के पांचों खंड योजना में शामिल
जिले में भी इस योजना के तहत पानीपत, समालखा, इसराना, बापौली और मतलौडा खंड को शामिल किया गया है। इन क्षेत्रों के चयनित सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को निजी शिक्षण संस्थानों और उच्च शिक्षण संस्थानों के साथ शैक्षणिक गतिविधियों में भाग लेने का मौका मिलेगा। इससे विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक जानकारी भी मिल सकेगी। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के बीच संवाद, शैक्षणिक भ्रमण, विषय आधारित गतिविधियां और तकनीकी जानकारी साझा करने जैसी गतिविधियां आयोजित की जा सकती हैं। इससे सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाने और भविष्य की शिक्षा व रोजगार के लिए जरूरी कौशल विकसित करने में मदद मिलेगी।
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वर्जन-
स्कूल ट्विनिंग कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को आधुनिक शैक्षणिक वातावरण और नई तकनीकों से परिचित कराना है। निजी स्कूलों और उच्च शिक्षण संस्थानों के साथ जुड़ने से विद्यार्थियों को सीखने के नए अवसर मिलेंगे। जिले के पांचों खंड भी इस योजना में शामिल हैं। कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुसार आगामी गतिविधियां संचालित की जाएंगी।
- कुलभूषण जैन, डीपीसी, समग्र शिक्षा।
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