पानीपत। पहाड़ों में बर्फबारी होने से मैदानी क्षेत्र में एक साथ मौसम में बदलाव आया है। शुक्रवार को सुबह और शाम को हल्के से मध्यम बादल छाए रहे और करीब 10 किलोमीटर की गति से हवा चली। ऐसे में लोगों को दिन के समय धूप खिलने पर भी ठंड महसूस की।
मौसम विशेषज्ञ ने तापमान में कमी आने की संभावना जताई है। अगले सप्ताह अधिकतम तापमान 21 डिग्री तक आ सकता है। नवंबर महीने के आखिरी दिनों में तापमान में लगातार कमी आ रही है। शुक्रवार को अधिकतम 25 और न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की रफ्तार 10 किलोमीटर प्रति घंटा रही। दोपहर बाद आसमान में बादल छाने से सुबह की अपेक्षा ठंड अधिक महसूस की गई। सुबह-शाम ठंड की धुंध के साथ प्रदूषण की परत छाने से लोगों को परेशानी हो रही है।
इससे लोगों की आवाजाही और दिनचर्या प्रभावित हो रही है। पाथरी गांव के मोहन कुमार ने बताया कि वह सुबह जल्दी ड्यूटी पर जाता है और शाम को पांच बजे की बस से घर जाता है। पांच बजे ही आसमान में धुंध और प्रदूषण की परत छानी शुरू हो जाती है जिससे सांस लेने में परेशानी होने लगी है। प्रदूषण का स्तर बढ़ने से जहां स्वास्थ्य संबंधी समस्या बढ़ी है वहीं धुंध छाने से लोगों की आवाजाही भी प्रभावित हो रही है।
कृषि विज्ञान केंद्र उझा के मौसम विशेषज्ञ डॉ. आशीष ने बताया कि अगले सप्ताह तक तापमान में और कमी आ सकती है जहां अधिकतम 21 और न्यूनतम तापमान छह डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। इस साल सर्दी अधिक हो सकती है।
गेहूं की फसल के लिए सहायक : गेहूं की बिजाई करीब सवा महीने पर की गई है। कुछ किसान अब पहला पानी लगा रहे हैं। जबकि कुछ इसके लिए तैयारी कर रहे हैं। ठंड बढ़ने से गेहूं की फसल को फायदा होगा। कृषि विभाग के एसडीओ डॉ. देवेंद्र कुहाड़ ने बताया कि ठंड में गेहूं की फसल का फुटाव और बढ़वार होती है। इस समय मौसम गेहूं के लिए उपयुक्त है।