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शहरवासियों ने खराब स्ट्रीट लाइटें कफन में लपेटकर कमिश्नर के सामने रखीं, बोले- हमें इनकी नहीं, जिंदा लाइटों की जरूरत

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पानीपत। एसई को फटकार लगाते कमिश्नर ओम प्रकाश । - फोटो : panipat
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शहर में लगातार चलती आ रही स्ट्रीट लाइट की समस्या को खत्म करने के लिए शहरवासियों ने सोमवार को स्ट्रीट लाइटों को कफन में लपेट कमिश्नर के सामने रख दिया। उन्होंने कमिश्नर से कहा कि हमें इन मृत अवस्था की लाइटों की नहीं, बल्कि जिंदा लाइटों की जरूरत है। उन्होंने अधिकारियों व ठेकेदार पर आपसी सहमति से मिलकर टेंडर करने व इसके बाद टेंडर पर काम न करने का आरोप लगाया। इसके बाद कमिश्नर ने तुरंत एक्शन लेते हुए एसई को कहा शहर के सभी ठेकेदार पर केस दर्ज किया जाए। ठेकेदार विजय गाबा को ब्लैक लिस्ट किया जाए और उस केस दर्ज किया जाए। उन्होंने एसई से कहा कि अगर इन पर कार्रवाई नहीं होती है तो एसई पर केस दर्ज करवाया जाएगा।
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शहर में स्ट्रीट लाइट की समस्या चरम पर है। जिससे पीड़ित निवासी हिमांशु शर्मा, अमित गुलाटी, विक्की सरोहा, रिक्की आरोड़ा, अनिल शर्मा, प्रवीन, आयुष कपूर, नवीन भारद्वाज, अजय व हरिश आदि शहरवासी स्ट्रीट लाइटों को कफन में लपेटकर नगर निगम कमिश्नर ऑफिस पहुंचे और उनके सामने वह कफन में लिपटी हुई लाइटें रख दीं। उन्होंने कहा कि शहर के ठेकेदार इतने भ्रष्ट हो चुके हैं कि उनके शिकायत करने बाद भी वह उस पर अमल नहीं करते। फोन मिलाने के बाद फोन नहीं उठाते। अगर किसी ठेकेदार से शिकायत की जाती है तो वह एक-दूसरे का क्षेत्र लगने का बहाना बनाने लगते हैं। इसके बाद कमिश्नर ओम प्रकाश ने एसई से कहा कि शहर में स्ट्रीट लाइट के सभी ठेकेदारों के खिलाफ केस दर्ज कराया जाए। उनके खिलाफ कार्रवाई कर उनकी पेमेंट रोकी जाए। ठेकेदार विजय गाबा को ब्लैक लिस्ट किया जाए, ताकि वह दोबारा निगम के साथ जुड़कर भ्रष्टाचार न कर सके। उन्होंने एसई रमेश कुमार को कहा कि अगर इन पर कार्रवाई नहीं होती है तो तुम्हारे ऊपर केस दर्ज करवाने की कार्रवाई की जाएगी। शहरवासियों से कमिश्नर ने कहा कि आज के बाद संबंधित पार्षद व आरडब्ल्यूए की इजाजत बिना किसी भी लाइटों के ठेकेदार की पेमेंट नहीं दी जाएगी।
शिकायत मिलने के बाद कमिश्नर बोले : अपने रहते नहीं होने दूंगा भ्रष्टाचार, एमई जगबीर मलिक को बुलाओ :
नगर निगम कमिश्नर को शिकायत मिलते ही उन्होंने संबंधित एमई जगबीर मलिक बुलाया और कहा कि शहर में अभी तक कितनी लाइटें लगाई गई हैं, मुझे बताओ। इस सवाल के बाद एमई ने कहा कि साहब मुझे अभी डेढ़ माह से यह एरिया दिया गया है, जिसके कारण मुझे अभी पूरी संख्या नहीं पता है। दूसरा सवाल में कमिश्नर ने पूछा कि आपने अपने समय में कहां-कहां दौरे किए हैं, एमई ने कोई सवाल नहीं दिया। उन्होंने एमई को स्पष्ट रूप से कहा कि प्लान में वह भ्रष्टाचार नहीं होने देंगे, जल्द से जल्द इन ठेकेदारों पर कार्रवाई करो।
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पांच दिन पहले भी बुलाई गई थी मीटिंग :
नगर निगम कमिश्नर ने कहा कि उन्होंने स्ट्रीट लाइट की समस्या को लेकर जेई, एमई, एक्सईएन व एसई के साथ बैठक की थी। जिसमें उन्हें आदेश दिया था कि वह शहर को दौरा करें और जहां पर भी लाइट की समस्या दिखे उसको खत्म करे। इसके बाद सभी अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि वह इस आदेश की पालना करेंगे और शहर का निरीक्षण करेंगे।
अगर निगम में भ्रष्टाचार नहीं रुका तो मैं ऊपर से लेकर नीचे तक सब पर एफआईआर कराऊंगा :
नगर निगम में लगातार आ रहे भ्रष्टाचार के मामले को लेकर कमिश्नर ओम प्रकाश ने सभी अधिकारियों से कहा कि अगर निगम में भ्रष्टाचार नहीं रुका तो मैं निगम में ऊपर से लेकर नीचे तक सभी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दूंगा। उसके बाद सभी अधिकारियों को खुद समझ आ जाएगी कि निगम में भ्रष्टाचार करने का क्या इनाम दिया जाता है। उन्होंने अधिकारियों को यह आखिरी चेतावनी दी है।
गुड मार्निंग तो ठीक है लाइटों का हिसाब कहा है :
शहरवासियों ने जब स्ट्रीट लाइट की समस्या उनके सामने रखी तो उन्होंने स्ट्रीट लाइट इंस्पेक्टर को फोन कर बात करवाने के लिए कहा। स्ट्रीट लाइट इंस्पेक्टर ने कमिश्नर को गुड मार्निंग कहा, जिसके बाद कमिश्नर ने कहा कि गुड मार्निंग तो ठीक है पर स्ट्रीट लाइटों का हिसाब कहा हैं, जो लगाई गई है। जवाब में लाइट इंस्पेक्टर ने कहा कि ठेकेदार उनके पास लाइटों को हिसाब जमा नहीं करवाते सीधा अधिकारियों से हस्ताक्षर करवा वर्कआर्डर करवा लेते हैं। उनके पास ठेकेदार द्वारा लगाई गई किसी भी लाइट की रिपोर्ट नहीं है। कमिश्नर ने कहा जल्द से जल्द उनके पास सभी लाइटों की रिपोर्ट होनी चाहिए।
जानिए किस क्षेत्र में कौन ठेकेदार कर रहा काम :
शहर में कुल चार ठेकेदार हैं। इनमें जगजीत सिंह सेठी केयर ऑफ राजकुमार, चंद्र मोहन केयर ऑफ विजय गाबा, गौरव परुथी, सोनू पूनिया, रिंकू परुथी हैं। शहर के सेक्टर जैसे 6, 11, 12, 13, 17, 18, 25 पार्ट वन व टूू, 29 पार्ट वन व टू में जगजीत सिंह सेठी व केयर ऑफ राजकुमार को ठेका दिया गया। इसमें वह हर माह निगम से 2 लाख रुपये ले रहे हैं। वहीं वार्ड 1 से लेकर 26 तक चंद्र मोहन व केयर ऑफ विजय गाबा को ठेका दिया गया। बाकी बचे ठेकेदार जैसे गौरव, सोनू, रिंकू ने भी शहर में अपनी एलईडी व टावर लाइट लगाई है।
दो दिन के अंदर जेई, एमई, एक्सईएन व एसई सक्षम युवाओं के साथ करवाएगें शहर की लाइटों को ठीक-
कमिश्नर ने आदेश दिया है कि दो दिन के शहर की सभी स्ट्रीट लाइट ठीक होनी चाहिए। इस टीम में संबंधित क्षेत्र का जेई, एमई, एक्सईएन, एससी व सक्षम युवा शामिल होंगे। शहर की लाइटों को ठीक करने के लिए एक टीम के साथ 10 सक्षम को जोड़ा गया है, ताकि शहर की लाइटें जल्द से जल्द से ठीक हो सकें।
सेक्टर में स्ट्रीट लाइट की समस्या से थे परेशान, इसलिए लिया एक्शन : हिमांशु
सेक्टर 12 निवासी हिमांशु का कहना है कि सेक्टरों में स्ट्रीट लाइट की समस्या चरम पर है। इसके कारण प्रत्येक दिन हादसे हो रहे हैं। समस्या से परेशान होकर वह कमिश्नर के पास गए थे। जहां पर उन्हें आश्वासन मिला कि वह जल्द से जल्द शहर में लाइटों को ठीक कराएंगे और सेक्टर की समस्या को हल करेंगे।
वार्ड चार में स्ट्रीट लाइट की समस्या चर्म पर : अनिल शर्मा
वार्ड चार निवासी अनिल शर्मा में स्ट्रीट लाइट की समस्या चरम सीमा पर है। पार्षद से शिकायत करने पर कोई कार्रवाई नहीं होती, जिसके कारण वह कमिश्नर के पास अपनी समस्या को लेकर आए। कमिश्नर ने एक्शन लेते हुए ठेकेदारों पर कार्रवाई करने के आदेश जारी कर दिए हैं।
अधिकारियों को दिए सख्त आदेश, जल्द होगी लाइट ठीक : ओम प्रकाश
नगर निगम पानीपत के आयुक्त ओम प्रकाश ने कहा कि अधिकारियों को लाइट ठीक करने के लिए सख्त आदेश दिए गए हैं। भ्रष्टाचार ठेकेदारो पर केस दर्ज करवाने के लिए एसई को कहा है। वहीं एक्सईएन से भी 1.5 साल से लगी सभी लाइटों को ब्योरा मंगा लिया। इसके आधार पर शहर में कितनी लाइटें लगी है, उसकी तुलना की जाएगी।
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