समालखा में नेशनल हाईवे-44 की सर्सिस लेन बैठे बेसहारा गौवंश। संवाद
पानीपत। जिले में हाईवे पर लावारिस पशु भी हादसों का कारण बन रहे हैं। लेकिन पशुओं को हाईवे से हटाने में पुलिस पूरी तरह से नाकाम है। कई बार अभियान चलाने के बाद भी पशुओं की संख्या कम नहीं हुई। एक बार फिर से पुलिस प्रशासन ने पशुओं को हटाने की तैयारी कर ली है। अब तक 250 से अधिक पशुओं को चिह्नित किया गया है। जिन्हें पकड़ने के लिए गोशाला के साथ करार किया जा रहा है।
पानीपत जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-44 जीटी रोड सबसे व्यस्त रोड है। इसके साथ ही रोहतक हाईवे और पानीपत खटिमा हाईवे पर भी बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं। लेकिन इन सभी हाईवे पर बेसहारा पशु भी विचरण करते रहते हैं। जो कई बार हादसों का कारण बनते हैं। जीटी रोड पर सिवाह से नांगलखड़ी तक और शहर के बीच सर्विस रोड पर लावारिस पशु मिलते हैं। इसके साथ ही समालखा में सबसे हाईवे पर घूमने वाले पशुओं की संख्या सबसे अधिक है। जो जीटी रोड पर हादसों का सबसे प्रमुख कारण है। पुलिस ने अभी अभियान चलाकर पशुओं को चिह्नित किया है। जिले में हाईवे पर बेसहारा पशुओं की संख्या 250 से अधिक है।
पशुओं को पकड़ने के लिए चलेगा अभियान
पशुओं को पकड़ने के लिए पुलिस द्वारा अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए पुलिस पशुओं को पकड़ने के लिए नगर निगम और पालिकाओं की मदद लेगी। साथ ही गोवंश को रखने के लिए गोशाला संचालकों के साथ भी करार कर रही हैं।
हो चुके हैं हादसे
पानीपत में बेसहारा पशुओं के कारण हाईवे पर कई हादसे हो चुके हैं। सितंबर माह में बापौली थाना क्षेत्र में रात को गौवंश सामने आने से मोटरसाइकिल अनियंत्रित होने से से एक युवक अंकुश की मौत हो गई थी। इसके अलावा भी समय समय पर इस तरह के हादसे सामने आते रहते हैं।
हाईवे से आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए यातायात पुलिस को पट्टी खरीदने और गोशाला में पशुओं को रखने के इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं।
-सुरेश कुमार सैनी, डीएसपी यातायात।
समालखा में नेशनल हाईवे-44 की सर्सिस लेन बैठे बेसहारा गौवंश। संवाद