निंबरी गांव में हुए जयकरण हत्याकांड में देरी से केस दर्ज करने और कार्रवाई में लापरवाही बरतने पर एसपी शशांक कुमार सावन ने सदर थाना प्रभारी सतबीर सिंह को निलंबित कर दिया है। उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू करने के आदेश दे दिए हैं। इसके अलावा जयकरण हत्याकांड के जांच अधिकारी हवलदार प्रदीप पर गाज गिर सकती है।
एसपी की ओर से 20 दिन के अंदर यह दूसरी बड़ी कार्रवाई सामने आई है। इससे पहले गांव रिसालू में रोशनी हत्याकांड मामले में देरी से रिपोर्ट दर्ज करने पर सेक्टर 29 थाना प्रभारी राजबीर सिंह को निलंबित दिया था। हालांकि सदर थाना प्रभारी को सस्पेंड करने के मामले में एसपी का कहना है कि वह इस मामले में ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहते, मामले की जांच जारी है, जांच पूरी होने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी। थाना प्रभारी सतबीर के निलंबन के बाद थाने का अतिरिक्त चार्ज सब इंस्पेक्टर रमेश कुमार को दिया गया है।
गांव निंबरी निवासी जयकरण गत 13 मार्च को गांव मोहाली में गया था। लौटते समय गांव मोहाली के रोड पर छाजपुर कलां के रोहित, शहरमालपुर निवासी प्रदीप, गौरव और शराब ठेकेेदार जोशी गांव के सोनू नरवाल समेत आठ आरोपियों ने मिलकर अपहरण कर लिया था और उसके साथ मारपीट की। अधमरी हालत में उसे गांव निंबरी के पास फेंककर भाग गए थे। जयकरण की दोनों टांगे टूट चुकी थीं। उपरोक्त वारदात में गांव मोहाली किला थाना क्षेत्र में आता है और गांव निंबरी किला थाना के अंदर पड़ता है। वारदात की शुरुआत गांव मोहाली से हुई। ऐसे में उक्त मामले में कार्रवाई की जिम्मेदारी किला थाना पुलिस की थी, लेकिन सदर थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज हुई। मामले की देरी से रिपोर्ट दर्ज करने और लापरवाही बरतने की वजह से सदर थाना प्रभारी सतबीर सिंह को निलंबित किया गया। शराब ठेकेदारों ने इलाके में अवैध रूप से शराब बेचने के शक में जयकरण की इस कदर मारपीट की थी कि उसकी दोनों टांगे टूट गई थी। पानीपत से जयकरण को रोहतक पीजीआई रेफर किया गया था, जहां से उसे दिल्ली सफदरजंग अस्पताल में रेफर कर दिया था। मारपीट के 10 दिन बाद ही वीरवार को जयकरण ने अस्पताल में सुबह चार बजे दम तोड़ दिया था। जिसके बाद दिल्ली में शव का पोस्टमार्टम हुआ और पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया था। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ 302 की धारा को जोड़ दिया था और आरोपियों की धरपकड़ शुरू कर दी थी।
जयकरण आरोपियों से इतना डरा सहमा हुआ था कि उसने पुलिस में बयान तक बदल दिए थे। उसने रिपोर्ट में लिखवाया था कि वह बाइक पर था और कुत्ता सामने आ गया, जिस वजह से वह गिर गया था और दोनों हाथ टूट गए थे, लेकिन एसपी ने संज्ञान लिया और शराब ठेकेदारों के खिलाफ 307 समेत कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। वहीं परिजनों को आश्वासन दिया था कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
जयकरण हत्याकांड मामले में सीआईए तीन कार्रवाई कर रही है। सीआईए तीन ने आरोपी सोनीपत के गांव गामड़ी निवासी सुरजीत, शहरमालपुर निवासी राजपाल, गांव निवासी शराब ठेकेदार अजीत उर्फ सोनू जोगिंद्र, छाजपुर कलां निवासी रोहित,शहरमालपुर निवासी गौरव और प्रदीप को गिरफ्तार कर चुकी है,बाकि आरोपियों की तलाश जारी है।