संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। शिक्षक यानी गुरु और मार्गदर्शक। इसकी महत्ता जिसने समझी तो समझो कामयाबी ने उसके चरण चूम लिए। कहा जाता है कि शिक्षक ऐसा दीया है जो खुद जलकर अपने शिष्यों का जीवन रोशन करता है।
आज भी शिक्षक अपनी इसी थीम के चलते अपने शिष्यों को कामयाबी के अर्श तक पहुंचाने का सपना संजोए उन्हें निखारने, संवारने और विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ाने में जुटे हैं।कुछ शिक्षक अपने पेशे से इतर समाज में एक अभियान के जरिए शिक्षा की अलख जगाने में रमे हैं, तो कुछ अपनी पारिवारिक परंपरा के तहत शिक्षक बनकर इस प्रथा को पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ा रहे हैं। अपने उत्कृष्ट कार्यों के चलते जिले के दर्जनों शिक्षक बीते 5 वर्षों के दौरान राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित हो चुके हैं।
अभिनय से मिला अध्यापक बनने का लक्ष्य : प्रदीप मलिक
बचपन से पारिवारिक माहौल में शिक्षण गतिविधियों से प्रभावित होकर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल बड़ौली के स्टेट अवार्डी ललित कला प्राध्यापक प्रदीप मलिक ने शिक्षक बनने की ठानी। वर्ष 1993-94 में कक्षा सातवीं में पढ़ते हुए उन्होंने अपने कला शिक्षक देवेश बल का रोल अदा करते हुए पहली बार कक्षा में पढ़ाया। बस उसी दिन से कला विषय के प्रति लगाव बढ़ता गया। राज्य शिक्षक पुरस्कार 2020 से पुरस्कृत ललित कला प्राध्यापक प्रदीप मलिक ने बताया कि वह मजबूरी वश इस सेवा में नहीं आए बल्कि अपने शौक़ को जीजान से पूरा करने के लिए दिल से कार्य करते हुए छात्रों को सर्वांगीण विकास में प्रयास करता हूं। समाज को सुदृढ़ करने व छात्रों को आगे बढ़ने की प्रेरणा व मौक़ा देना पहली प्राथमिकता रही है। मलिक ने अध्यापकों से अपील करते हुए कहा कि पूर्ण निष्ठा व ईमानदारी से किया गया शिक्षण कार्य सुकून देने के साथ साथ अध्यापक को समाज में सम्मान भी दिलवाता है। राष्ट्र निर्माण में अध्यापकों को अपनी महत्ता समझते हुए कार्य करना चाहिए।
बेकार को भी अच्छी नीति में तब्दील कर देता है शिक्षक : कुंडू
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ददलाना में अर्थशास्त्र के लेक्चर रहे रणवीर कुंडू ने बताया कि एक शिक्षक या गुरु द्वारा अपने विद्यार्थी को स्कूल में जो सिखाया जाता है या जैसा वो सीखता है वे वैसा ही व्यवहार करते हैं। उनकी मानसिकता भी कुछ वैसी ही बन जाती है जैसा वह अपने आसपास होता देखते हैं। इसलिए एक शिक्षक या गुरु ही अपने विद्यार्थी को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है। सफल जीवन के लिए शिक्षा बहुत उपयोगी है जो हमें गुरु द्वारा प्रदान की जाती है। एक शिक्षक बेकार शिक्षा नीति को भी अच्छी शिक्षा नीति में तब्दील कर देता है।
2022 और 2023 में राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित तत्कालीन शिक्षक
राकेश बूरा प्राचार्य राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, जाटल, पानीपत। अब पानीपत के जिला शिक्षा अधिकारी बन चुके हैं।
नीलम शर्मा ईएसएचएम राजकीय माध्यमिक विद्यालय, बांध, इसराना।
मीना कुमारी टीजीटी, संस्कृत राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, मॉडल टाउन, पानीपत।
रविंद्र कुमार प्राइमरी स्कूल इंचार्ज राजकीय प्राथमिक पाठशाला, खोजकीपुर, बापौली।
रविंद्र सिंह पीजीटी इतिहास राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, काबड़ी, पानीपत।
सीमा देवी टीजीटी अंग्रेजी राजकीय माध्यमिक विद्यालय, रसलापुर, बापौली।
जयदीप प्राथमिक स्कूल इंचार्ज राजकीय प्राथमिक पाठशाला, नांगल खेड़ी, पानीपत।
राकेश कुमार पीआरटी राजकीय प्राथमिक पाठशाला, हड़ताड़ी, समालखा।