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Panipat News: बखतरे से नीचे आई यमुना, चिंता बरकरार

Fri, 05 Sep 2025 12:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
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खतरे के निशान से नीचे बह रही यमुना। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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सनौली। यमुना में चौथे दिन वीरवार को 10 सेंटीमीटर पानी कम होने से खतरे के निशान 231.50 मीटर से नीचे आ गया है। यमुना में अब 231.40 मीटर पर पानी चल रहा है। वहीं कई खेतों में अभी भी पानी भरा हुआ है। इसके अलावा किसानों को करीब 20 हजार एकड़ में खड़ी धान और सब्जी की फसल के खराब होने का डर सता रहा है। पानी कम होने भूमि में कटाव की आशंका है। ऐसे में सिंचाई विभाग की टीमें अब भी यमुना तटबंध की लगातार निगरानी कर रही हैं।
यमुना में पिछले चार दिन से पानी लगातार बढ़ रहा था। दो दिन से खतरे के निशान से ऊपर था। वीरवार को सुबह पानी कुछ कम हुआ। इसके बाद शाम तक पानी कम होता चला गया। यह 10 सेंटीमीटर तक कम हुआ है। सिंचाई विभाग के एक्सईएन सुरेश सैनी ने बताया कि यमुना में पानी कुछ कम हुआ है। शुक्रवार को पानी और कम होगा। अब किसी प्रकार के खतरे की बात नहीं है।
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किसानों ने की विशेष गिरदावरी की मांग

यमुना का पानी गांव रामड़ा के पास तटबंध से ओवरफ्लो होकर गांव रामड़ा आर, रिशपुर व सनौली खुर्द के खेतों में भर गया था। इन तीन गांवों की करीब 300 एकड़ गन्ने, धान, ज्वार व सब्जियों की फसलों में पानी भरा हुआ है। खेतों में तीसरे दिन लगातार पानी भरा हुआ है। ऐसे में बेल वाली सब्जियां तकरीबन खराब हो गई हैं और धान की फसल में भी पानी में डूबी रहने से नुकसान हो सकता है। किसान अंकित, विशाल, अनिल, सतीश पाल व महाबीर का कहना है कि यमुना का पानी कई दिनों तक फसल में भरा हुआ है। फसल की विशेष गिरदावरी कराकर मुआवजा दिया जाए।
तटबंध के अंदर करीब 15 हजार एकड़ फसल में भरा पानी
यमुना के आसपास के करीब एक दर्जन गांव के किसान यमुना तटबंध के अंदर करीब 15 हजार एकड़ में खेती करते हैं। तटबंध के अंदर पिछले काफी दिनों से ही फसलों में पानी भरा हुआ है। किसानों को फसल खराब होने का डर है। सब्जियों की फसल में लगातार पानी भरने से इनका खराब होने का खतरा बढ़ गया है।
गोशाला में अभी भी भरा है पानी
सनौली गोशाला में वीरवार को एक ही फीट पानी कम हुआ है। यहां अभी भी आठ से नाै फीट तक पानी भरा है। निचले क्षेत्र में पानी भरने से करीब 350 गायों को पहले ही ऊंचे स्थान पर सुरक्षित निकाल लिया गया था। गोशाला के शेड में गायों के लिए रखे भूसे में पानी भरा हुआ है। गोशाला के प्रधान राकेश गुप्ता ने बताया कि गोशाला में करीब 10 दिन का भूसा बचा है।
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खतरे के निशान से नीचे बह रही यमुना। संवाद

खतरे के निशान से नीचे बह रही यमुना। संवाद

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