जिले से निकली अंजलि रॉय ने 21 साल की आयु में ही 150 से ज्यादा गोल्ड मेडल हासिल कर लिए हैं। इनमें से नेशनल और इंटरनेशनल लेवल पर 78 गोल्ड हैं। उन्हें कर्नाटक सरकार की ओर से राज्य स्तरीय अवार्ड से भी नवाजा गया है। उनकी मांग है कि पानीपत में भी योग कोचिंग सेंटर खुुले ताकि पानीपत से भी योग के खिलाड़ी निकलें। इसके साथ ही वह वृद्धावस्था तक योग कर सकने की विधि पर रिसर्च भी कर रही हैं। उनका मानना है कि बच्चों को 10 से 12 आयु के बीच में योग का प्रशिक्षण देना शुरू करना चाहिए। इससे पहले प्रशिक्षण देने से बच्चों का शारीरिक विकास रुक जाता है।
योग खिलाड़ी अंजलि के पिता चंद्र मोहन प्राइवेट कंपनी में एचआर मैनेजर है। अंजलि ने बताया कि आर्य स्कूल में पड़ने के दौरान लगे सात दिवसीय योग कैंप में हिस्सा लिया था। इससे पहले वह हॉकी में गोल्ड मेेडल और डांस में टॉपर रह चुकी हैं। कैंप में भाग लेने के बाद उनके 10 में से चार अंक आए। खराब प्रदर्शन ने उन्हें प्रेरित किया और कैंप में बने साथियों से योग के बारे में सीखा। उस समय एक दिन में चार से छह घंटे तक योग का प्रशिक्षण करती थी। उन्होंने अरुणाचल प्रदेश स्थित हिमालयन यूनिवर्सिटी से योगा में बीएससी किया और वहीं रहकर योग में महारत हासिल की। इसके साथ ही नेशनल और इंटरनेशनल स्तर की प्रतियोगिताओं में गोल्ड मेडल जीता।
यह है अंजलि की उपलब्धियां
इंटरनेशनल लेवल पर पहला गोल्ड पांडिचेरी और दूसरा गोल्ड देहरादून, तीसरा गोल्ड वर्ल्ड कप के नाम से करनाल में हुई प्रतियोगिता में जीता। उसके बाद चीन और हांगकांग आदि इंटरनेशनल लेवल पर गोल्ड हासिल किए है। नेशनल और इंटरनेशनल लेवल पर 78 गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं। वहीं इंटरनेशनल लेवल पर 8 गोल्ड व एक सिल्वर मेडल और नेशनल लेवल पर 69 मेडल प्राप्त किए है। वहीं स्टेट लेवल पर 80 से अधिक गोल्ड मेडल जीते हैं। कर्नाटक में आईएनवाई, सीसीआरवाईएन, मिनस्ट्री ऑफ आयुष की तरफ से 14 हजार लोगों को योग कराने पर सरकार की ओर से 50 हजार रुपये भेंट कर सम्मान दिया गया। इसके साथ ही कर्नाटक की नेशनल योग चैंपियन में प्रथम स्थान मिलने पर राज्य सरकार ने अवार्ड ने नवाजा। साउथ इंडिया चैंपियन शिप प्रवीन-ए अवार्ड दिया गया।
बच्चों को लघु सचिवालय के पार्क में कराती है प्रशिक्षण
पानीपत में योग का कोचिंग सेंटर नहीं है, जिस पर अंजलि लघु सचिवालय के पार्क में योग का प्रशिक्षण देती हैं। वह खिलाड़ियों को भी निशुल्क प्रशिक्षण करा रहीं हैं।
- कोई प्रतियोगिता छोटी बड़ी नहीं होती, यह धारणा लेकर हर प्रतियोगिता में लेती है भाग-
शिवाजी स्टेडियम में चल रही योग प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान के विजेताओं को 400,300 व 200 रुपये इनाम में मिलेंगे, लेकिन अंजली रॉय ने यह नहीं सोचा की इस प्रतियोगिता में इनाम राशि कितनी मिलनी है। उन्होंने प्रतियोगिता समझ कर भाग लिया और अपना बेस्ट किया।
आयुष विभाग की गलती से रुका अंजलि का प्राइम मिनिस्टर अवॉर्ड
उन्होंने बताया कि भारत में योगा में आज तक किसी भी खिलाड़ी को प्राइम मिनिस्टर अवॉर्ड नहीं मिला । इस साल उनका नाम चयनित हुआ था, आयुष विभाग की तरफ से उनका नाम आगे नहीं भेजा गया। जिसके कारण उनका नाम रुक गया। अब वह दोबारा उस अवार्ड को हासिल करने के लिए मेहनत कर रही हैं।