पानीपत। स्वास्थ्य विभाग ने अब समालखा अस्पताल में भी नलबंदी, नसबंदी सेवा शुरू कर दी है। इसके लिए समालखा के डॉक्टरों को नागरिक अस्पताल में प्रशिक्षण दिया गया है। अब समालखा व बापौली की महिलाओं व पुरुषों को नलबंदी व नसबंदी के लिए नागरिक अस्पताल में नहीं आना पड़ेगा। समालखा क्षेत्र में अब परिवार नियोजन के कार्य अलग से चल सकेंगे। जिले में पिछले पांच वर्ष में लगभग 7500 महिलाओं की नसबंदी हुई है। महिलाओं की संख्या की तुलना में महज 15 प्रतिशत पुरुषों ने ही नलबंदी कराई है। पुरुषों की कम नलबंदी होने के पीछे लोगों में कई प्रकार की भ्रांतियां हैं। पुरुष नसबंदी करवाने पर 2000 रुपये प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान है। विशेष शिविर के दौरान नसबंदी करवाने पर उपहार दिया जाता है। पुरुष या महिला की नसबंदी फेल होने पर 30 हजार रुपये मुआवजे का प्रावधान है। ऑपरेशन के दौरान मौत होने पर दो लाख रुपये देने का भी प्रावधान है।
समालखा अस्पताल में एक साल में ये नई सेवाएं हुईं शुरू-
इमरजेंसी सेवा- समालखा अस्पताल में डॉक्टरों की कमी से इमरजेंसी सेवाएं बंद थीं। फरवरी में यहां पांच नए डॉक्टरों की पोस्टिंग की गई। इसी वक्त यहां 24 घंटे इमरजेंसी सेवा शुरू की गई।
हड्डी रोग संबंधी ओपीडी-
अब समालखा अस्पताल में एक्स रे की सुविधा भी है। सप्ताह में तीन दिन यहां हड्डी रोग विशेषज्ञ को प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया है।
बाल रोग ओपीडी-
समालखा अस्पताल में अगस्त में बाल रोग संबंधी ओपीडी शुरू की गई। यहां एक डॉक्टर की विशेष तौर पर ड्यूटी लगाई गई।
फिजीशियन रोग संबंधी ओपीडी-
सितंबर में सिविल सर्जन ने नागरिक अस्पताल के सीनियर कंसलटेंट डॉ. जितेंद्र त्यागी को प्रतिनियुक्ति पर समालखा अस्पताल भेजा। अब यहां छाती, शुगर, माईग्रेन, हृदय संबंधी इलाज भी शुरू हो चुका है।
अब यह शुरू करने की तैयारी-
समालखा अस्पताल में अब दिसंबर में पोस्टमार्टम सेवा शुरू होगी। पीडब्ल्यूडी की ओर से शवगृह की खामियां पूरी कर ली गई हैं। छत व पिलरों की मरम्मत करवा दी गई है। अब सिविल सर्जन की ओर से कंपनी को दो फ्रिजर की मांग भेजी गई है। फ्रीजर इंस्टॉल होने के बाद यहां पोस्टमार्टम सेवाएं शुरू होगी। दिसंबर में समालखा अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सेवा शुरू करने की तैयारी है। इसके लिए वहां रेडियोलॉजिस्ट को सप्ताह में दो दिन भेजा जाएगा। नागरिक अस्पताल से वहां एक अल्ट्रासाउंड मशीन भेजी जाएगी।
वर्जन-
समालखा अस्पताल में नलबंदी व नसबंदी सेवा शुरू कर दी है। दिसंबर में अल्ट्रासाउंड व पोस्टमार्टम सेवा भी शुरू होगी। भविष्य में सरकार की ओर से अस्पताल को 100 बेड का अस्पताल लिखित रूप में घोषित किया जाएगा।
- डॉ. जयंत आहूजा, सिविल सर्जन