पानीपत। अब पानीपत को जल्द ही सरकारी ब्लड बैंक की सौगात मिलेगी। पीजीआई रोहतक में चल रही डॉक्टर, लैब टेक्नीशियन व स्टाफ नर्स की ट्रेनिंग पूरी हो चुकी है। ट्रेनिंग में इनको ब्लड बैंक संचालित करने के तरीके बताए गए। ट्रेनिंग में काला पीलिया की इंचार्ज डॉ. प्रीति, लैब टेकभनीशियन सुल्तान, प्रवीण और एक स्टाफ नर्स शामिल रही।
इसी सप्ताह डिप्टी ड्रग कंट्रोलर गाजियाबाद, ड्रग कंट्रोलर दिल्ली, पंचकूला और सोनीपत के सीनियर ड्रग कंट्रोलर को अस्पताल के ब्लड बैंक को शुरू करने की रिपोर्ट भेजी जाएगी। अब स्वास्थ्य विभाग की ब्लड बैंक की उतरी जोन की टीम सिविल अस्पताल का निरीक्षण करेगी। फिर लाइसेंस मिलने के बाद ब्लड बैंक चालू होगा। संभावना है कि अगस्त के पहले सप्ताह में सिविल अस्पताल में सरकारी ब्लड बैंक की सौगात मिल जाएगी। यहां से सिविल अस्पताल, सभी सीएचसी, पीएचसी व अन्य सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर दाखिल मरीज के लिए निशुल्क रक्त मिलेगा।
निजी ब्लड बैंक से खरीदना पड़ रहा रक्त
सरकारी ब्लड बैंक शुरू न होने से लोगों को निजी ब्लड बैंक से रक्त खरीदना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी गर्भवती महिलाओं को होती है। परिजनों को आनन फानन में निजी ब्लड बैंक से मनमाने रेट पर रक्त खरीदना पड़ता है। कई बार रक्त देरी से मिलने पर मरीजों की हालत भी गंभीर हो जाती है। सीएम मनोहर लाल ने चार साल पहले पानीपत के सिविल अस्पताल में ब्लड बैंक शुरू करने की घोषणा की थी। इस प्रोजेक्ट में काफी देरी हुई।
लैब चलाने में आएगी परेशानी
सिविल अस्पताल में फिलहाल दो माइक्रोबायोलॉजिस्ट हैं। डॉ. श्यामलाल को एमएस बनाया जा चुका है। वे प्रशासनिक कार्यों में व्यस्त रहते हैं। डॉ. प्रीति लैब इंचार्ज हैं। उनके पास रूटीन की ब्लड जांच, कोरोना जांच व हेपेटाइटिस बी-सी की टेस्टिंग का काम भी है। लैब में मात्र चार लैब टेक्निशियन हैं। अगर इनकी ड्यूटी ब्लड बैंक में लगती है तो लैब को चलाने में काफी परेशानी आ सकती है।
जल्द करेंगे सिविल अस्पताल का निरीक्षण
डॉक्टर, लैब टेक्निशयन व स्टाफ नर्स की ब्लड बैंक संचालित करने की ट्रेनिंग पूरी हो चुकी है। अब उतरी जोन की एक टीम निरीक्षण करेगी। कागजी कार्य किया जा रहा है। जल्द पानीपत को ब्लड बैंक की सौगात मिलने की उम्मीद है।
- डॉ. संजय, क्षेत्रीय अधिकारी ब्लड बैंक, स्वास्थ्य विभाग