पानीपत। जिले के शिमला गुजरान गांव की रहने वाली सोनिका ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी हैं। एक समय था जब वे घर की चहारदीवारी तक सीमित थीं, लेकिन वर्ष 2019 में स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनकी जिंदगी ने नई दिशा पकड़ ली।
आज न केवल आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हैं, बल्कि अन्य महिलाओं को भी सशक्त बनाने का कार्य कर रही हैं। सोनिका ने वर्ष 2019 में उन्होंने गांव के स्वयं सहायता समूह से जुड़ी। समूह में उन्होंने सचिव का दायित्व संभाला जिसमें लेन-देन का हिसाब-किताब और बैठकों का संचालन शामिल था। इस जिम्मेदारी ने उनमें आत्मविश्वास बढ़ाया और वित्तीय प्रबंधन की समझ विकसित की। धीरे-धीरे वे समूह की सक्रिय और भरोसेमंद सदस्य बन गईं।
वर्ष 2022 में उनकी मेहनत रंग लाई और उन्हें एसबीआई सखी के पद पर कार्य करने का अवसर मिला। इस भूमिका में वे ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं और लोगों को बैंकिंग सेवाओं से जोड़ने का कार्य कर रही हैं। समूह से जुड़ने से पहले सोनिका केवल घर के कार्यों तक सीमित थीं और आत्मविश्वास की कमी महसूस करती थीं, लेकिन समूह की बैठकों, प्रशिक्षण और सामूहिक सहयोग ने उन्हें नई पहचान दी। संवाद