सर्वार्थ सिद्धि योग में मनाई जाएगी शनि जयंती, पितरों के निमित्त तर्पण करेंगे नागरिक, बह्म मुहूर्त सुबह 4:05 से 4:45 तक
संवाद न्यूज एजेंसी
बापौली। सोमवार को साल की आखिरी सोमवती अमावस्या के अवसर पर तीन पर्वों के योग बन रहे हैं। इस दिन महिलाएं अखंड सौभाग्य की खातिर वट सावित्री पूजन करेंगी। साथ ही शनि जयंती भी मनाई जाएगी। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। दान-पुण्य का सिलसिला दिनभर चलता है। बड़ी तादाद में लोग पितरों के निमित्त तर्पण भी करेंगे।
जलमाना गांव की लक्ष्मी नारायण विद्यापीठ के संचालक पं. हवादत्त कौशिक ने बताया कि संयोगवश इस दिन सुबह 6:39 से रात 12:30 बजे तक सर्वार्थ सिद्धि योग भी रहेगा। शिव और शनिदेव के मंदिरों में पूजा-आराधना के लिए भीड़ रहेगी। इसके पूर्व सोमवती अमावस्या 31 जनवरी को थी पंडितों के अनुसार इस बार 30 मई को ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की सोमवती अमावस्या कृतिका नक्षत्र में शुरू होकर रोहिणी नक्षत्र में तक रहेगी। यह साल की दूसरी और आखिरी सोमवती अमावस्या है। अमावस्या तिथि 29 मई रविवार को दोपहर 2:56 बजे शुरू होकर अगले दिन सोमवार को शाम 5:05 बजे तक रहेगी।