माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अंबरदीप सिंह की अदालत ने बुकिंग कर ईको गाड़ी लूटने के मामले में तीन महिलाओं समेत छह आरोपियों को दोषी करार दिया है। अदालत से सभी दोषी सोनू निवासी धमीजा कॉलोनी नूरवाला, रवि निवासी बरसत रोड नूरवाला, प्रवीण निवासी धमीजा कॉलोनी नूरवाला, काजल निवासी हरि सिंहपुरा घरौंडा निवासी करनाल, फुलमती निवासी ज्योति कॉलोनी बरसत रोड, गुंजन निवासी हरि सिंहपुरा घरौंडा करनाल को 10-10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। दोषी 10 मार्च 2018 को 1200 रुपये में गाड़ी बुक कर सोनीपत से पानीपत लाए थे।
मामले के अनुसार, सोनीपत के मुरथल निवासी मोहित ने सदर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उनका कहना था कि वह ईको गाड़ी चलाता है। आठ मार्च 2018 को उनके पास काजल नाम की लड़की का फोन आया। उसने कहा कि उन्हें पानीपत जाने के लिए ईको गाड़ी बुक करनी है। उसने इसके लिए हां कर दी तो काजल ने कहा कि वह उसे वापस फोन करेगी। 10 मार्च को उसके काजल का फोन आया और मुरथल पुल के नीचे बुलाया। 1200 रुपये में पानीपत जाने की बात तय कर दो लड़की और एक महिला गाड़ी में बैठ गई। वह उन्हें लेकर पानीपत बस अड्डे पर पहुंच गया। काजल ने कहा कि उसके भाई सोनू व उसके दोस्त सिंग एंड स्विंग होटल पर मिलेंगे।
इसके बाद उसने दो सौ रुपये अतिरिक्त देने की बात कहते हुए उसे रिफाइनरी रोड के पास होटल पर ले गई। जहां पर सोनी, प्रवीण और रवि मिले। जब उसने पैसे मांगे तो उन्होंने गर्दन पर चाकू रखकर गाड़ी की चाबी निकाल ली। वह जान बचाकर वहां से भाग गया। इसके बाद आरोपी उसकी गाड़ी लेकर भाग गए। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
इस मामले की सुनवाई अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अंबरदीप सिंह की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष द्वारा 17 गवाह पेश किए गए। गवाहों की गवाही और पत्रावली पर आए साक्ष्यों के आधार पर अदालत से भी आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है।
दो आरोपी पीओ घोषित, एक नाबालिग
लूट में तीन अन्य आरोपियों के नाम भी सामने आए थे। उनमें से दो आरोपियों बिहार के कटिहार जिले के दिलीप, ज्योति ग्रोवर को अदालत ने पीओ घोषित किया था। वहीं एक आरोपी नाबालिग होने के कारण किशोर न्यायालय के सामने पेश कर बाल सुधार गृह भेजा था।