पानीपत। अंसल निवासी व्यक्ति से 10.49 लाख रुपये की ठगी के मामले की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। साइबर ठगों को फर्जी सिम उपलब्ध कराने वाला गिरोह दिल्ली से चल रहा था। बुधवार शाम को साइबर क्राइम थाना पुलिस ने दिल्ली के नांगलोई से आरोपी योगेश निवासी सुल्तानपुर दिल्ली को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पीओएस (प्वाइंट ऑफ सेल) एजेंट के रूप में काम करता है, लोगों की आईडी पर दो सिम एक्टिवेट कर देता है। इनमें से एक सिम आईडी धारक को व एक सिम साइबर ठगों को 1500 से 2000 रुपये में बेच देता था।
थाना साइबर क्राइम प्रभारी अजय ने बताया कि अंसल निवासी नरेश ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उनके मोबाइल नंबर पर फरवरी 2025 में अज्ञात अलग-अलग नंबरों से कॉल आए थे। उन्होंने मैक्स लाइफ इंश्योरेंस से एक पॉलिसी करवा रखी है। फोन करने वाले अज्ञात लोगों ने झांसे में लेकर उसकी तीन और पॉलिसी करवा दी। उनसे कहा गया कि आपके द्वारा जमा करवाया गया प्रीमियम रिफंड किया जाएगा। झांसे में लेकर उनसे 10 लाख 49 हजार 976 रुपये की धनराशि ट्रांसफर करवा ली। पुलिस ने नरेश की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर जांच की।
नंबरों की जांच हुई तो हुआ खुलासा
पुलिस ने कॉल करने वाले नंबरों की जांच की तो पता चला कि सिमकार्ड दिल्ली से जारी हुए थे। जांच करते हुए पुलिस ने सिमकार्ड जारी करने वाले पीओएस एजेंट को मंगलवार शाम को गिरफ्तार कर लिया। बुधवार को आरोपी को अदालत में पेश कर तीन दिन के रिमांड पर लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह टेलीकॉम कंपनी में पीओएस एजेंट है। जब कोई उनके पास सिम कार्ड लेने आता था तो उसकी आईडी पर दो सिम चालू कर दिए जाते हैं। इनमें से एक सिम ग्राहक को और एक साइबर ठगों को बेच देते थे। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 2 मोबाइल फोन व सील 6 सिम कार्ड बरामद किए।