तब्लीगी जमात मरकज निजामुदीन दिल्ली से जुड़े पानीपत में धर्म का प्रचार वाले श्रीलंका के दो नागरिकों के खिलाफ थाना सनौली खुर्द पुलिस ने अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। थाना सनौली में नियुक्त सब इंस्पेक्टर सुरजीत सिंह की शिकायत पर दो अप्रैल को पर्यटक के रूप में भारत आकर अवैध तरीके से धर्म का प्रचार करने के आरोपी मोहम्मद फाजिल पुत्र मोहम्मद फोजिल अमरी निवासी डीएएम स्ट्रीट कोलंबो, श्रीलंका और मुस्ताक पुत्र मोहम्मद जबीर निवासी चार्सल पैलेस, देहीवाल, श्रीलंका पर फॉरेन एक्ट 1946 की धारा 14-बी, 14-सी, लॉकडाउन और आईपीसी की धारा 144 की पालना नहीं करने और आईपीसी की धारा 188 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
पानीपत के गांव नवादा पार की मस्जिद से दोनों को कोरोना टेस्ट के लिए स्वास्थ्य हिरासत में लिया गया था, इनके कोरोना पॉजिटिव होने की आशंका थी। दोनों आरोपियों को स्वास्थ्य विभाग के दिशा-निर्देश के अनुसार पुलिस की हिरासत के बीच क्वारंटीन किया गया था। पुलिस की जांच में पता चला था कि दोनों तब्लीगी मरकज जमात के सक्रिय सदस्य और पर्यटक के रूप में भारत आकर अवैध रूप से धर्म का प्रचार कर रहे थे। पानीपत के गांव नवादा पार की मस्जिद में अवैध तरीके से निवास कर रहे थे, इससे पहले आरोपी धर्म प्रचार के लिए पहले पानीपत के इमाम साहब मोहल्ला पहुंचे, यहां से गांव उग्राखेड़ी की विद्यानंद कालोनी में धर्मप्रचार करते हुए गांव नवादा पार आए थे। वहीं आरोपी गांव नवादा के ही निवासी जुल्फान पुत्र खेरू के घर पर भी गए थे और ये गांव की मस्जिद में रहते थे। पुलिस अधीक्षक मनीषा चौधरी ने श्रीलंका के धर्म प्रचारकों के मामले की जांच सीआईए-टू को दी थी। पूछताछ आदि के बाद आरोपियों को कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। एसएचओ सनौली सुरेंद्र सिंह ने बताया कि दोनों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी गई है।