पानीपत। शौकिया निशानेेबाजी शुरू करने वाले ओलंपियन अभिषेक अब विश्व के नंबर-1 निशानेबाज हैं। कंप्यूटर साइंस से बीटेक करने के बाद 2014 में लॉ की पढ़ाई शुरू करने वाले अभिषेक ने 2015 में शौकिया तौर पर निशानेबाजी शुरू की थी। वह रोज हिसार की शूटिंग अकेडमी में जाकर आधे घंटे अभ्यास करते थे। लगातार उनकी अच्छे निशानेबाजी को देखते हुए कोच एवं अन्य साथियों ने प्रोत्साहित किया कि वह चैंपियनशिप में भाग लें। देखते-देखते अभिषेक का शौक ने उन्हें चैंपियन बना दिया।
2018 में भारत की तरफ से खेलते हुए अभिषेक ने बीजिंग वर्ल्ड कप में स्वर्ण पदक जीतने के साथ ही काफी कम समय में कई मेडल अपने नाम किए हैं। न्यायाधीश अशोक वर्मा के बेटे अभिषेक टोक्यो ओलंपिक 2020 में भाग ले चुके हैं। हिसार के शूटिंग अकेडमी के कोच मनोज परमार ने अभिषेक वर्मा को निशानेबाजी करना सिखाया है। इसके बाद उन्होंने गुरुग्राम, चंडीगढ़, दिल्ली में अभ्यास किया और इस समय वह चंडीगढ़ में रहकर अभ्यास कर रहे हैं।
588 अंक प्राप्त कर 2019 में बनाया था नेशनल रिकॉर्ड
नेशनल में 600 में से 553 स्कोर रहता था, लेकिन जब उन्होंने ठान लिया कि उन्हें देश के लिए खेलना है तो मेहनत रंग लाई। जिसके बाद 10 मीटर एयर पिस्टल शूटिंग चैंपियनशिप के फाइनल में 2019 में 588 अंक अर्जित का नेशनल रिकॉर्ड बनाया। इस चैंपियनशिप में पूरे विश्व से 16 निशानेबाज को चयनित किया जाता है, जिसमें अभिषेक भी खेले।
ओलंपिक से पहले थे वर्ल्ड रैंकिंग नंबर-1 खिलाड़ी
पानीपत में पैदा हुए अभिषेक ओलंपिक से पहले वर्ल्ड रैंकिंग नंबर-1 खिलाड़ी थे। वहीं 10 मीटर शूटिंग चैंपियनशिप में अभिषेक इंडिया के नंबर-1 खिलाड़ी हैं। उन्होंने बताया कि 2020 के ओलंपिक में अच्छा प्रदर्शन न कर पाने से उन्होंने सीख ली है और अब वह 2024 पेरिस ओलंपिक की तैयारी में जुट चुके हैं। आइएसएसएफ वर्ल्ड रेकिंग में भी अभिषेक नंबर -1 की रेकिंग प्राप्त कर चुके हैं।
पैरालंपिक के खिलाड़ी से मिलती है खेलने की प्रेरणा
अभिषेक ने बताया कि उनको पैरालंपिक के शूटर सिंहराज और अवनी लेखरा से प्रेरणा मिलती है। उन्होंने बताया कि दिव्यांग होने के बाद भी हार नहीं मानी और देश के लिए खेल रहे हैं। अभिषेक ने बताया कि उनकी मां कुसुम वर्मा उन्हें मानसिक और पिता जस्टिस अशोक वर्मा उन्हें आर्थिक रूप से तैयार रखते हैं। जब भी उन्हें कोई उपकरण लेना होता है तो पिता मदद करते हैं।
शूटिंग के साथ करेंगे 2022 से करेंगे हाईकोर्ट में प्रैक्टिस
वकील अभिषेक वर्मा ओलंपिक और अन्य शूटिंग चैंपियनशिप के कारण पिछले कई सालों से वकालत शुरू नहीं कर पाए। अभिषेक ने बताया कि हरियाणा पंजाब बार काउंसिल की परीक्षा उन्होंने पास कर ली है, अब वह 2022 से खेल के साथ ही पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में वकालत भी करेंगे।
ये मेडल कर चुके हैं प्राप्त
- 2019 वर्ल्ड कप शूटिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीत चुके हैं
- 2019 रियो डी जनेरियो वर्ल्ड चैंपियनशिप में स्वर्ण
- वर्ल्ड शूटिंग चैंपियनशिप दिल्ली में स्वर्ण
- 2019 रियो डी जनेरियो वर्ल्ड चैंपियनशिप में रजत।
- 2021 वर्ल्ड शूटिंग चैंपियनशिप में दो कांस्य पदक
- 2019 दोहा, एशियन शूटिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण
-2019 डाहो में आयोजित एशियन शूटिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण
- 2018 वर्ल्ड शूटिंग चैंपियनशिप में जीता रजत पदक
-2018 एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीता