पानीपत थाना शहर के सामने 17 साल पहले बस में हुए बम ब्लास्ट की उसी थाने के प्रभारी को ठीक से जानकारी तक नहीं। एसएचओ बम ब्लास्ट के आरोपी अब्दुल करीम उर्फ टुंडा की गिरफ्तारी के कई माह बाद भी पूरे मामले को समझ नहीं सके।
धमाके में एक दस वर्षीय बच्चे की मौत हुई थी , जबकि प्रभारी ने बताया कि ब्लास्ट में महिला की मौत हुई थी और उसकी उम्र तक ‘1008’ थी।
पेशी के दौरान डीएसपी सिटी जितेंद्र गहलावत और सिटी एसएचओ विशाल कुमार कोर्ट परिसर में एक साथ खड़े थे। मीडिया कर्मियों ने जब इस मामले के बारे में जानने का प्रयास किया तो डीएसपी जितेंद्र गहलावत ने एसएचओ से बात करने की बात कही।
एसएचओ शहर काफी देर मोबाइल से फ्री हुए और उन्होंने मामले की जानकारी देनी शुरू की। एसएचओ विशाल कुमार ने बताया कि बस अड्डा पर 1997 में बम ब्लास्ट हुआ था। जिसमें एक महिला की मौत हो गई थी। मीडिया कर्मियों ने जब महिला नहीं एक बच्चे की मौत होने की कही तो उन्होंने बात को टाल दिया।
आरोपी टुंडा को पुलिस रिमांड पर लेने की बात पूछी तो उन्होंने उसको ज्यूडिशियल रिमांड पर लेने की कही। एसएचओ इतनी बात कहकर चल पड़े। उनसे ब्लास्ट में मरने वाली महिला की उम्र जानी गई तो उन्होंने बेबाक ढंग से महिला की उम्र ‘1008’ साल बताई। उनकी यह बात सुनकर एकबारगी हर कोई हैरान रह गया।
उनसे आगे पूछा जाने लगा तो उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच एसआईटी सोनीपत जांच कर रही है और उन्हीं के पास पूरा मामला है। मीडिया कर्मियों के आगे कुछ पूछने से पहले एसएचओ वहां से निकल गए।
गौरतलब है कि बस अड्डा थाना शहर के ठीक सामने जीटी रोड पार करते ही हैं। यहां पर पुलिस की चौकी भी है। बस में बम ब्लास्ट एक फरवरी 1997 को हुआ था। उस समय पानीपत शहर थाने में मुकद्दमा नंबर 106 बम ब्लास्ट का दर्ज है।