पानीपत बस अड्डे पर बस में हुए बम धमाके के आरोपी अब्दुल करीम उर्फ टुंडा को 17 साल बाद वीवीआईपी सुरक्षा घेरे के बीच कोर्ट में पेश किया।
जहां महज 12 मिनट तक चली सुनवाई के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों की सांसें फूली रही। टुंडा को एसआईटी सोनीपत ने प्रोडक्शन वारंट पर लाया है।
उसे दोपहर ठीक 12 बजे कोर्ट में लाया गया और सीधे ड्यूटी मजिस्ट्रेट की कोर्ट में ले जाया गया। जहां से सुनवाई खत्म होने के बाद 12 बज कर 12 मिनट पर उसी गाड़ी में बैठाकर वापस सोनीपत ले जाया गया।
तीन गाड़ी आगे और तीन पीछे
टुंडा की गाड़ी के आगे पीछे पुलिस की तीन-तीन गाड़ियां चल रही थीं। सबसे आगे पुलिस की पायलट गाड़ी, उसके बाद पुलिस की जिप्सी, तीसरी टवेरा और चौथी गाड़ी में आरोपी अब्दुल करीम उर्फ टुंडा था।
जिसमें आगे चालक के अलावा दो इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी थे और एक दर्जन हथियारों से लैस पुलिसकर्मी पीछे बैठे थे। इसकी गाड़ी के पीछे पुलिस की तीन गाड़ियां थी।
सड़क से लेकर कोर्ट रूम तक पहरा
पानीपत और सोनीपत पुलिस की संयुक्त सुरक्षा के बीच टुंडा को लाया गया। किसी भी अप्रिय घटना न हो इसी मद्देनजर सड़क से लेकर कोर्ट परिसर और कोर्ट रूम तक पुलिस का कड़ा पहरा रहा।
बताया जा रहा है कि सोनीपत से लेकर पानीपत तक हर चौक और चौराहे पर पुलिसकर्मी तैनात रहे। टुंडा के काफिले में दो डीएसपी स्तर के अधिकारी और करीब आधा दर्जन इंस्पेक्टर थे। कोर्ट के गेट पर करीब एक दर्जन पुलिसकर्मी तैनात थे। इसके अलावा कोर्ट परिसर के चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात रही।
कोर्ट परिसर को कर दिया सील
पुलिस टुंडा की सुरक्षा को लेकर कोई भी जोखिम नहीं उठाना चाहती थी। इसको लेकर पूरा कोर्ट परिसर सील कर दिया गया। कई मामलों के आरोपियों को कोर्ट में दाखिल नहीं होने दिया। पुलिस के दो मामलों के एक दर्जन से अधिक आरोपी कोर्ट परिसर में एक तरफ बैठे रहे। टुंडा की पेशी और जाने के बाद दूसरे आरोपियों को कोर्ट परिसर में दाखिल होने दिया गया।
ट्रैफिक से बचाकर एलिवेटिड हाईवे से लाया
पुलिस टीम टुंडा को शहर में जीटी रोड पर लगने वाले जाम से बचाकर एलिवेेटिड हाईवे से कोर्ट में लाई। इस दौरान एलिवेटेड हाईवे पर भी पुलिस सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध रहे।
कोर्ट के सामने पुलिस की एक जिप्सी तैनात थी। वहीं, वकीलों के चैंबरों पर कोर्ट की तरफ पुलिस तैनात रही।