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Panipat News: सावन के स्वागत के लिए सजे शिवालय, कल से गूंजेंगे भोलेनाथ के जयकारे

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प्रेम मंदिर में सजाया शिवलिंग। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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पानीपत। भगवान शिव को प्रिय सावन का पावन महीना बुधवार 30 जुलाई से शुरू हो रहा है। इसके साथ ही औद्योगिक नगरी पानीपत शिवभक्ति में रंगने लगी है। सावन के आगमन को लेकर प्रमुख शिवालयों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए मंदिरों में जलाभिषेक, पूजा-अर्चना और सुरक्षा व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए गए हैं।
बुधवार को आषाढ़ की अमावस्या के साथ श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ की आराधना शुरू करेंगे। इसके बाद वीरवार से विधिवत रूप से सावन स्नान और व्रतों का सिलसिला शुरू होगा। शहर के 12 प्रमुख मंदिरों में पूरे सावन माह के दौरान विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
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बांके बिहारी मंदिर के प्रमुख चमनलाल गुप्ता ने बताया कि प्रत्येक सोमवार को विशेष धार्मिक कार्यक्रम होंगे। उन्होंने बताया कि शिवलिंग का सात से आठ प्रकार के फूलों से आकर्षक शृंगार किया जाता है।
मॉडल टाउन स्थित सनातन धर्म मंदिर सभा के प्रधान तरुण गांधी ने बताया कि जलाभिषेक के लिए अलग-अलग पंक्तियों की व्यवस्था की जाएगी।

जलाभिषेक और व्रत का विशेष महत्व : पं. प्रवीण शास्त्री
पंडित प्रवीण शास्त्री ने बताया कि सावन का महीना भगवान शिव की आराधना और मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए विशेष महत्व रखता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस माह में भगवान शिव की पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।
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उन्होंने बताया कि सावन में भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक और बेलपत्र अर्पित करने की परंपरा है। श्रद्धालु श्रद्धा और आस्था के साथ पूजा-अर्चना कर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। उन्होंने कहा कि सावन के सोमवार का व्रत रखने से धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कुंवारी कन्याओं को मनचाहे वर की प्राप्ति होती है, जबकि दांपत्य जीवन में सुख-समृद्धि और स्वास्थ्य की कामना की जाती है। पूरे सावन माह में शिवलिंग पर नियमित रूप से जल अर्पित करने से मानसिक शांति और आध्यात्मिक संतुष्टि का अनुभव होता है।

प्रेम मंदिर में सजाया शिवलिंग। संवाद

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