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Panipat News: पहले फेंक दिया था... बेटे की मौत के बाद जागी मां की ममता

Thu, 17 Sep 2026 02:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
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माई सिटी रिपोर्टरपानीपत। जन्म से पहले ही पिता साथ छोड़कर चला गया और जन्म लेने के कुछ घंटए बाद मां ने उसे कूड़े के ढेर में फेंक दिया। 43 दिन की जिंदगी में मासूम को न मां का दुलार मिला और न पिता का प्यार। बीमारी के कारण मौत के बाद जब मां को बेटे की मौत की सूचना मिली तो वह श्मशान घाट पहुंची और अंतिम दर्शन कर फूट-फूटकर रोने लगी।
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मूल रूप से पश्चिम बंगाल की रहने वाली विधवा महिला के घर पर एक रिश्तेदार का आना-जाना था। दोनों के बीच नजदीकी बढ़ीं और महिला गर्भवती हो गई। इसकी जानकारी रिश्तेदार को मिलने पर वह वहां से चला गया। महिला ने किसी तरह नौ माह का समय गुजारा और दो अगस्त की रात करीब ढाई बजे बेटे को जन्म दिया। चार बेटियों के बाद बेटे के जन्म से वह खुश थी, लेकिन लोकलाज के डर से उसकी ममता पर भय हावी हो गया। जन्म के महज ढाई घंटे बाद उसने नवजात को पुराने कपड़े में लपेटकर शिवनगर की गली नंबर पांच में सड़क किनारे कूड़े के ढेर में फेंक दिया।
कॉलोनी वासियों ने बच्चे को देखकर पुलिस और नारी तू नारायणी उत्थान समिति को सूचना दी थी। बाल कल्याण समिति ने बच्चे को संरक्षण में लेकर जिला नागरिक अस्पताल में भर्ती करा दिया था।
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प्राथमिक इलाज के बाद बाल कल्याण समिति ने बच्चे को नागरिक अस्पताल से कैथल के बाल गृह भेज दिया था। बच्चे की तबीयत अचानक खराब होनेके बाद उसे पीजीआई चंडीगढ़ में भर्ती कराया था। जहां पर मंगलवार को उसने आखिरी
सांस ली।
बेटे की मौत की सूचना पर श्मशान घाट पहुंची मां
जन सेवा दल के सदस्य चमन लाल गुलाटी ने बताया कि बच्चे को जन्म के महज ढाई घंटे बाद छोड़ने वाली महिला को जैसे ही बेटे की मौत की जानकारी मिली, वह श्मशान घाट पहुंच गई। बेटे के अंतिम दर्शन करते ही वह रोने लगी। मौके पर मौजूद लोग भी भावुक हो गए।
बाल कल्याण समिति के सदस्यों, किशनपुरा चौकी पुलिस और जन सेवा दल के सहयोग से नवजात का अंतिम संस्कार कराया गया। जन सेवा दल के सदस्य चमन गुलाटी और कमल गुलाटी आदि सदस्यों ने विधि-विधान से मासूम को अंतिम विदाई दी।

तीन अगस्त को कूड़े के ढेर में मिला था नवजात
कॉलोनीवासियों ने नवजात को कूड़े के ढेर में पड़ा देखा तो पुलिस और नारी तू नारायणी उत्थान समिति को सूचना दी। बाल कल्याण समिति ने बच्चे को संरक्षण में लेकर जिला नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया। बाद में उसे कैथल के बालगृह भेज दिया गया।
सोमवार को बालगृह में बच्चे की तबीयत अचानक बिगड़ गई। इसके बाद उसे पीजीआई चंडीगढ़ में भर्ती कराया गया, जहां मंगलवार को 43 दिन की उम्र में उसकी मौत हो गई। बाल कल्याण समिति के सदस्य बच्चे का शव पानीपत लेकर आए और पोस्टमार्टम कराया।
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