फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रक्षाबंधन पर भद्रा का साया, 12:37 बजे के बाद राखी बांधें

विज्ञापन
विज्ञापन
पानीपत। रक्षाबंधन पर इस बार कुछ घंटे भद्रा का साया रहेगा। रक्षाबंधन भद्रा मुख सुबह 10:53 से दोपहर बाद 12:37 बजे तक होगा। इस समय रक्षाबंधन मनाना अशुभ रहेगा। यह समय छोड़कर पूरा दिन किसी भी समय रक्षाबंधन मना सकते हैं। ये जानकारी गायत्री ज्योतिष अनुसंधान केंद्र के संचालक पंडित रामराज कौशिक ने दी।
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। अपराह्न का समय रक्षाबंधन के लिए अधिक उपयुक्त माना जाता है। जो हिन्दू समय गणना के अनुसार दोपहर के बाद का समय है। यदि अपराह्न का समय भद्रा आदि की वजह से उपयुक्त नहीं है तो प्रदोष काल का समय भी रक्षाबंधन के संस्कार के लिए उपयुक्त माना जाता है। भारतीय संस्कृति में रक्षाबंधन का काफी महत्व है। इस दिन बहनें राखी, रोली (पवित्र लाल धागा), चावल के दाने, मिठाई और दीया (दीपक) के साथ थाली तैयार करती हैं। भाई की आरती कर उनके माथे पर तिलक लगाती हैं और राखी बांधती हैं। बदले में भाई अपनी बहनों की रक्षा करने का वादा करते हैं और उन्हें अपने प्यार के प्रतीक के रूप में उपहार या रुपये देते हैं।
भद्रारहित समय में करें रक्षाबंधन
रामराज कौशिक ने बताया कि हिन्दू मान्यताओं के अनुसार सभी शुभ कार्यों के लिए भद्रा का त्याग किया जाना चाहिए। सभी हिंदू ग्रंथ और पुराण, विशेषतः व्रतराज, भद्रा समाप्त होने के पश्चात रक्षाबंधन मनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भद्रा पूर्णिमा तिथि के पूर्व-अर्ध भाग में व्याप्त रहती है। अतः भद्रा समाप्त होने के बाद ही रक्षाबंधन किया जाना चाहिए। उत्तर भारत में ज्यादातर परिवारों में सुबह के समय रक्षाबंधन किया जाता है। जो भद्रा व्याप्त होने के कारण अशुभ समय भी हो सकता है। इसलिए जब प्रातःकाल भद्रा व्याप्त हो तब भद्रा समाप्त होने तक रक्षाबंधन नहीं किया जाना चाहिए। कुछ लोगो का ऐसा मानना है कि प्रातःकाल में भद्रा मुख को त्याग कर, भद्रा पूंछ के दौरान रक्षाबंधन किया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


रक्षाबंधन पर राखी बांधने का शुभ मुहूर्त
-अनुष्ठान का समय - 01:30 दोपहर से 09:08 रात्रि। यह अवधि - 07:38 घंटे रहेगी।
-अपराह्न का मुहूर्त - 01:43 दोपहर से 04:20 शाम। यह अवधि 02:37 घंटे रहेगी।
-प्रदोष काल का मुहूर्त 06:56 शाम से 09:08 रात्रि होगा। यह अवधि 02:11 घंटे रहेगी।
-भद्रा अंत समय 01:30 दोपहर
-भद्रा पूंछ समय 09:51 सुबह से 10:53 सुबह (शुभ )
-भद्रा मुख 10:53 से 12:37 दोपहर (अशुभ)-पूर्णिमा तिथि प्रारंभ 19 अगस्त 2024 को 03:04 सुबह
-पूर्णिमा तिथि समाप्त 19 अगस्त 2024 को 11:55 बजे रात्रि
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें