पानीपत। वार्ड नंबर 23 में नगर निगम अधिकारियों की लापरवाही से चार काॅलोनियों के हजारों लोगों का जन जीवन नरक हो चुका है। यहां के तकरीबन सभी सीवरेज लाइन जाम हो चुकी हैं। जिससे गंदा पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों पर आने लगा है। ये पानी अब पेयजल पाइपलाइन में शामिल होकर लोगों के घरों में सप्लाई हो रहा है। इस गंदे पानी को पीने से लोग बीमार हो रहे हैं। ये समस्या वार्ड के कच्चा कैंप, हरिबाग कॉलोनी, भाटिया कॉलोनी, पूरेवाल कॉलोनी के हजारों लोगों के सामने बनी हुई है।
हैरानी की बात ये है कि बार बार शिकायत करने के बाद भी इसका समाधान नहीं हो पा रहा है। वहीं, निवर्तमान पार्षद अश्वनी ढींगरा का कहना है कि निगम अधिकारी उनके सुनते ही नहीं है। जब से उनका कार्यका पूरा हुआ है तब से अधिकारी बेलगाम हो चुके हैं। भीषण गर्मी में पेयजल तक न दे पाना अधिकारियों को फेलियर साबित करता है। उन्होंने कहा कि अगर वार्ड की जनता की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे निगम कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन करेंगे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वार्ड की कॉलोनियों में कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। सफाई वाली गाड़ी में पहले दो कर्मचारी आते थे अब एक आ रहा है। कूड़े के ढेरियाें तक को नहीं उठाया जा रहा। गाड़ियों पर सायरन तक नहीं लगा हुआ है। मजबूरी में लोग गलियों और खाली प्लाॅटों में कूड़ा डाल रहे हैं। इसका भी निगम उठान नहीं करवा पा रहा है। जिससे वार्ड का हाल अब बेहाल हो चुका है।
गौरतलब है कि नगर निगम ने शहर की सीवरेज सिस्टम की सफाई के लिए करीब साढ़े चार करोड़ का टेंडर दिया है। वहीं शहर की सफाई के लिए हर माह करीब साढ़े तीन करोड़ खर्च हो रहे हैं। बावजूद लोग कूड़े के ढेरों के साथ और गंदा पानी पीने को मजबूर हैं।
वर्जन:
सीवर लाइन में लोग डाल रहे सामान
ये शिकायत दो दिन से है। जिस पर लगातार काम करवाने के बाद खुलवा दिया गया है। यही वही लोकेशन है जहां पिछले साल सीवर लाइन में गीजर फंसा मिला था। इस बार नकली बालों की चोटियां, चद्दर, साबुनदानियां जैसे घरेलू वस्तुएं सीवर लाइन से निकल रही हैं। इसी वजह से लाइन ब्लॉक हो रही है। निगम अपनी कार्यप्रणाली पर खरा है। लोगों को जागरूक होने की आवश्यकता है ताकि वे सीवर लाइन में सामान को न फेकें।
अर्पित बुधवार, एसडीओ, नगर निगम।