संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। सालों के मधुमेह को कुछ महीनों के योग से हराकर लोग सुखमय जीवन जी रहे हैं और लोगों को भी योग से जुड़ने के लिए जागरूक कर रहे हैं। मंडुकासन, त्रिकोणासन, प्रणायाम मधुमेह को नियंत्रित करने में वरदान साबित हो रहा है जिनसे लोग सालों के मधुमेह को कुछ महीनों में ही मात दे रहे हैं।
योग से शुगर नियंत्रित
मुझे लगभग सात साल पहले शुगर ( मधुमेह ) हुई थी। उस समय मेरी शुगर 400 के आस-पास रहती थी। मैंने कई निजी अस्पतालों से अंग्रेजी दवा खाई लेकिन दवा खाने तक शुगर नियंत्रण में रहती दवा बंद होते ही फिर से शुगर बढ़ जाती। मैं अंग्रेजी दवा खाकर परेशान हो गया था। उस समय मैं सिर्फ सुबह सैर पर ही जाता था। तीन-चार किलोमीटर घूमता था लेकिन शुगर में कोई असर देखने को नहीं मिला। लगभग सात महीने पहले मेरे एक दोस्त ने मुझे योग संस्थान के बारे में बताया और भारतीय योग संस्थान के जिला प्रधान से मिलवाया। तब मैंने डॉ. अनिल के संपर्क में आने के बाद योग करना शुरू किया तब से मेरी अंग्रेजी दवा बिल्कुल बंद हो गई हैं। मेरी शुगर भी 120 के आस-पास रहने लगी है। सुबह केवल दो घंटे के योग में मंडुकासन, त्रिकोणासन और प्रणायाम मुख्य रूप से करता हूं जो शुगर को नियंत्रित रखने में दवा से भी ज्यादा असरदार हैं।
मुकेश राणा, न्यू बसंत नगर पानीपत।
योग से स्वास्थ्य रहता है ठीक
मुझे तीन साल हल्की-हल्की कमजोरी महसूस होती थी। ज्यादातर यह मीठा खाने के बाद लगता था। फिर एक दिन मैंने शुगर जांच करवाई तो पता चला कि मेरी शुगर बढ़ने लगी है। उस समय मेरी शुगर 300 के आस-पास रहने लगी थी। मैंने कभी अंग्रेजी दवा नहीं खाई क्योंकि मुझे पता था कि कुछ योग शुगर को नियंत्रित करने में सहायक होते हैं। इसलिए मैं तभी डॉ. अनिल भाटिया के संपर्क में आई और उनके सिखाए अनुसार प्रतिदिन दो घंटे योग करने लगी। शुगर को नियंत्रित करने के लिए वे ज्यादातर मंडुकासन, प्रणायाम और त्रिकोणासन करवाते थे। तीनों योग करके मेरी शुगर अब 90 के आस-पास रहने लगी है। तब से मैं प्रतिदिन योग संस्थान पर जाती हूं और योग करती हूं। अब तो मैं योग से जुड़ने के लिए जागरूक करती हूं। योग से जुड़ने के बाद स्वास्थ्य तो ठीक रहता ही है साथ ही आंतरिक खुशी भी मिलती है।
नीतू शर्मा, शांति नगर पानीपत।
मुकेश राणा। स्रोत : स्वयं