पानीपत। अंसल जैन सभा के हॉल में गुरुदेव अरुण मुनि महाराज द्वारा प्रवचन कार्यक्रम किया गया। गुरुदेव ने प्रवचन में कहा कि मनुष्य जीवन का उद्देश्य केवल भौतिक सफलता नहीं बल्कि आत्मिक शांति और संतुलन प्राप्त करना भी है।
इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए सबसे पहले जरूरी है लक्ष्य का निर्धारण। लक्ष्य विहीन जीवन दिशाहीन जहाज के समान होता है जो किसी भी तूफान में डगमगा सकता है।
पंचम काल के इस युग में भी अगर हम सही सोच रखें तो प्रकृति की सारी शक्तियां हमारे साथ हो जाती हैं। भगवान महावीर ने स्वयं अपने जीवन से यह उदाहरण दिया कि चुनौतियों से डरना नहीं उन्हें आत्मबल से पार करना ही धर्म है। सफलता हमेशा हमारे हाथ में नहीं होती लेकिन कैसी सोच रखनी है यह पूरी तरह हमारे हाथ में होता है। नकारात्मकता से घिरे रहना आत्मा की शक्ति को क्षीण करता है जबकि सकारात्मक विचार जीवन को ऊर्जावान बनाते हैं। अपने विचारों को शुद्ध, स्पष्ट और सकारात्मक बनाए रखंे। जब मन निर्मल होगा तभी जीवन सार्थक होगा।
23, 24 और 25 जून को प्रवचन जैन स्थानक अंसल में होगा। 26 को प्रवचन राजाखेड़ी जैन स्थानक और 27 को प्रवचन सेक्टर-12 में लाला जुगमंदर के निवास स्थान पर होगा। 28 से 5 जुलाई तक का प्रवचन गांधी मंडी जैन स्थानक में होगा।
छह जुलाई को वर्ष 2025 के शुभ चातुर्मास के लिए मंगल प्रवेश होगा। सुबह 7.30 बजे गांधी मंडी जैन स्थानक से वाया जीटी रोड चल कर अग्रवाल मंडी जैन स्थानक में होगा। चातुर्मास अग्रवाल मंडी जैन स्थानक व अंसल जैन स्थानक में है। इस अवसर पर अभिषेक मुनि महाराज, अभिनंदन मुनि महाराज, अमृत मुनि महाराज ठाणे आदि उपस्थित रहे।