पानीपत। निगम कर्मचारियों की हड़ताल शुक्रवार को दसवें दिन भी जारी रही। इसे लेकर निगम प्रशासन ने आउटसोर्स वाले कर्मचारियों को नोटिस भेजने की तैयारी कर दी है। इससे पहले इन सभी कर्मचारियों का वेतन इनके खातों में डाला गया। इसके बाद इनको काम पर वापस बुलाने की अपील की गई। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल पर बैठे निगम के आउटसोर्स कर्मचारियों के भी हड़ताल पर जाने से शहरवासियों के काम प्रभावित हो रहे हैं। शहर के नेताओं और पार्षदों ने इस मुद्दे को शहरी स्थानीय निकाय मंत्री के सामने भी रखा था। जिस पर मंत्री ने कहा था कि पहले इनका वेतन दो फिर काम पर बुलाओ। अगर न आएं तो इनको बदलो।
मंत्री के निर्देशों के बाद सीनियर डिप्टी मेयर ने अपने कार्यालय में निगम अफसरों की बैठक बुलाई और कर्मचारियों को वापस बुलाने के निर्देश जारी किए। उन्होंने निगम अफसरों से कहा कि इनको निगम की ओर से नोटिस दें, क्योंकि जब इनका वेतन दे दिया गया है तो इनको काम पर लौटना चाहिए। इसके लिए इनके पास 30 तारीख तक का समय है। 30 के बाद अगर कोई कर्मचारी काम पर नहीं लौटा तो उसके खिलाफ कार्रवाई निश्चित होगी।
नगर निगम में करीब 186 कर्मचारी आउटसोर्स पर हैं। इनमें से करीब 46 कर्मचारी स्ट्रीट लाइट इंस्टॉलेशन के लिए एजेंसी से हायर किए हैं जबकि बाकी करीब 140 कर्मचारी निगम में क्लर्क आदि की पोस्ट पर तैनात हैं। अगर ये काम पर लौटने में विफल रहते हैं तो सरकार हरियाणा रोजगार कौशल निगम से नए कर्मचारियों को भर्ती किया जाएगा।
दूसरी ओर, शहरी स्थानीय निकाय मंत्री और मुख्यमंत्री के ओएसडी के साथ यूनियन कर्मचारी नेेताओं की बैठक हुई, जिसमें सरकार ने उनकी मांगों को नहीं माना। इसके बाद कर्मचारियों ने हड़ताल को जारी रखने का एलान कर दिया है। अब शनिवार-रविवार को छुट्टी रहेगी। सोमवार को निगम खुलने की आस है। जबकि निगम कर्मी हड़ताल से बैकफुट पर आने को तैयार नहीं हैं जबकि निगम प्रशासन अब इन पर कार्रवाई की योजना बना रहा है।
सफाई के साथ कामकाज भी ठप:
नगर निगम कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने की वजह से शहर की सफाई व्यवस्था के साथ निगम का पूरा कामकाज भी ठप हो गया है। इससे शहरवासियों की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। इसे देखते हुए निगम अफसरों से लेकर जनप्रतिनिधि भी परेशान हैं। निगम आयुक्त भी 30 तक छुट्टी पर हैं। शहर की सरकार भी निगम कर्मचारियों की हड़ताल में कोई रुचि नहीं दिखा रही है। मेयर विधायक भी चुप्पी साधे हुए हैं।
ये हैं मांगे
- कच्चे कर्मचारियों को पक्का करे, 25 अप्रैल, 17 अगस्त 2020, 10 मई व 28 जून 200 को समझौते को लागू करो, समान काम, समान वेतन दिया जाए, हरियाणा कौशल रोजगार भंग करो, चार हजार जोखिम भत्ता दो, पुरानी पेंशन बहाल की जाए, 18 माह डीए का एरियर दिया जाए, कोरोना वायरस से मृत्यु होने पर 50 लाख की आर्थिक राशि और नियमित रोजगार दिया जाए, छंटनीग्रस्त कर्मचारियों को ड्यूटी पर वापिस लिया जाए। निगम कर्मचारियों की इस हड़ताल में ऑफिस, बेलदार, फायर, मॉली, सेवादार, सफाई कर्मचारी, कच्चे व पक्के सभी कर्मचारियों ने भाग लिया।