पानीपत। टीडीआई में हुए सरकारी जमीन घोटाले के मामले में जिला योजनाकार ने कार्रवाई शुरू कर दी है। डीटीपी ने हरियाणा अर्बन डेवलपमेंट एरिया एक्ट के तहत टीडीआई कंपनी की सहयोगी फर्म महेश फॉर्म को दूसरा नोटिस जारी किया है। ये नोटिस टीडीआई के अंदर पार्क, ग्रीन बेल्ट, सड़क और यूडीलैंड की फर्जी तरीके से की गई रजिस्ट्री को रद्द करने को लेकर है। इसमें कंपनी को सात दिन में अपना पक्ष रखने की बात कही गई है।
इससे पहले 22 अक्टूबर को भी जिला योजनाकार द्वारा नोटिस जारी किया गया था। डीटीपी का कहना है कि उनके लेआउट प्लान से बाहर अगर किसी ने भी नियमों का उल्लंघन किया तो वे इस पर कार्रवाई जरूर करेंगे।
इस मामले के शिकायतकर्ता जोगेंद्र स्वामी ने कहा कि जिला योजनाकार केवल टीडीआई मालिक इस भ्रष्टाचार में शामिल अधिकारियों और भूमाफिया को बचाने का कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा की रजिस्ट्री रद्द करवाने से भ्रष्टाचार खत्म नहीं होगा।
टीडीआई मालिक और उसके मैनेजरों की ओर से सरकारी जमीन का अलॉटमेंट लेटर जारी किया गया। कन्वेंस डीड करवा कर सैकड़ों करोड़ का घोटाला किया है। नगर निगम ने सरकारी जमीन की प्रॉपर्टी आईडी बनाई। तहसीलदार द्वारा टीडीआई मालिक, भूमाफिया को फायदा पहुंचाने के लिए फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी जमीन की रजिस्ट्री कर दी। यहां तक की स्टांप ड्यूटी में भी लाखों रुपये की चोरी की गई।
डीटीपी विभाग द्वारा इस भ्रष्टाचार में शामिल लोगों पर आपराधिक मामला दर्ज करवाना चाहिए था। पार्क, ग्रीन बेल्ट, सड़क और यूडीलैंड में बने अवैध निर्माणों पर कोई नोटिस चस्पा नहीं किया। इस घोटाले की जांच के लिए कोई कमेटी गठित नहीं की गई। यह सब जिला योजनाकार विभाग की टीडीआई मालिक, अधिकारियों और भूमाफियाओं को बचाने का ही कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इस भ्रष्टाचार में भाजपा के एक पार्षद और धनाढ्य लोगों के जुड़े होने के कारण मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब 26 नवंबर को चंडीगढ़ मुख्यालय पर इस सारे भ्रष्टाचार की पोल खोलेंगे। उसके बाद भी अगर इस मामले में कोई संज्ञान नहीं लिया गया तो वह हाईकोर्ट में याचिका दायर करेंगे।
होगी कार्रवाई :
इस मामले को लेकर हमने कंपनी को नोटिस जारी किए हैं। इसके अलावा भी नियमों का उल्लंघन करने वालों को नोटिस दिए जा रहे हैं। जो भी नियमों का उल्लंघन करेगा उस पर कार्रवाई जरूर होगी।
सुनील अंतिल, जिला योजनाकार।