पानीपत। बारिश होने से जिला नागरिक अस्पताल में मौसमी बीमारियां बढ़ने लगी हैं। वहीं अस्पताल में तीन दिन अवकाश रहने से सोमवार को अपेक्षाकृत ओपीडी ज्यादा रही। मरीजों को पंजीकरण, दवा व इलाज के लिए घंटों लाइन में लगना पड़ा। निजी अस्पतालों में आयुष्मान योजना के तहत इलाज न मिलने से भी जिला नागरिक अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। ओपीडी 1900 के करीब रही।
जिला नागरिक अस्पताल में वायरल बुखार, खांसी, जुकाम, उल्टी-दस्त, आंखों की एलर्जी के मरीज बढ़ने लगे हैं। शुक्रवार को स्वतंत्रता दिवस, शनिवार को जन्माष्टमी और रविवार को छुट्टी होने से तीन दिन बाद अस्पताल खुला। जिससे ओपीडी 1900 के करीब रही। भीड़ होने से मरीजों की लाइन दोपहर दो बजे तक भी टूटने के नाम नहीं ले रही थी।
मरीजों को पहले पंजीकरण के लिए लाइन में लगना पड़ा । फिर इलाज और दवा के लिए लाइन में लगकर अपने नंबर का इंतजार करना पड़ा। भंडारी निवासी रामकुमार ने बताया कि वे बेटे को बुखार के लिए दवा दिलाने के लिए सुबह आठ बजे अस्पताल में पहुंचा था लेकिन भीड़ होने के कारण पहले उसे पंजीकरण में 20 मिनट खड़े होने पड़ा।
फिर चिकित्सक कक्ष के आगे लंबी लाइन होने से और दवा लेने के लिए लगभग डेढ़ घंटा लगा। जिसके बाद वह दवा ले पाया। अस्पताल में चर्म रोग विशेषज्ञ न होने से मरीजों को यहां-वहां भटकना पड़ रहा है और महंगी दवा लेनी पड़ रही हैं। पिछले आठ महीने से अस्पताल में चर्म रोग विशेषज्ञ नहीं है जिसका खामियाजा मरीजों को निजी अस्पतालों में ज्यादा खर्च कर चुकाना पड़ रहा है।
सीएमओ डॉ. विजय मलिक ने बताया कि अस्पताल में पहुंचने वाले प्रत्येक मरीज को इलाज व दवा दी जा रही है। चमड़ी रोग विशेषज्ञ के लिए मांग भेजी गई है।