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निजी स्कूल संचालकों के विरोध में उतरे पेरेंट्स

Fri, 31 Mar 2017 12:38 AM IST
ब्यूरो पानीपत
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पेरेंट्स एसोसिएशन सड़क पर उतरी - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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पानीपत सहित शहर की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं व संगठन भाजपा नेताओं की अगुवाई में निजी स्कूलों के विरोध में सड़क पर उतरी। वे स्कूल प्रबंधन की मनमानी, हर वर्ष किसी न किसी रूप में की जाने वाली फीस वृद्धि, स्कूलों द्वारा हरियाणा शिक्षा विभाग के नियमों की पालन ना करने आदि मुद्दों को पर विरोध जताया और डिप्टी डीईओ के मार्फत मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। अभिभावकों ने सबके बीच डिप्टी डीईओ से सवाल-जवाब किए। डिप्टी डीईओ ने कई सवालों के तो जवाब दिए और कई में बोले की वे कोर्ट के ट्रायल में नहीं है। वे उनकी समस्याओं को अधिकारियों व सरकार को अवगत करा देंगे और इस मामले में अनदेखी बरतने वाले स्कूल संचालकों पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
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पेरेंट्स एसोसिएशन के बैनर तले सामाजिक संस्थाएं व दूसरे संगठन वीरवार को लघु सचिवालय पर पहुंचे और उप जिला शिक्षा अधिकारी राजपाल सिंह को मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नाम ज्ञापन सौंपा। एसोसिएशन के प्रधान कृष्ण लाल चुघ, उप प्रधान एवं भाजपा नेता राकेश चुघ, संरक्षक अश्विनी गोयल, कानूनी सलाहकार सुभाष सैनी एडवोकेट, सचिव रोहन गोयल, सह सचिव जिमी चुघ, सदस्य हरीश आहूजा व हेमंत राहिला, भाजपा पार्षद अशोक नारंग, वेद बांगा, दिनेश नरूला, जितेंद्र खुराना, संजीव कपूर ने कहा कि निजी स्कूलों द्वारा शिक्षा विभाग द्वारा तय किया गया फार्म छह भरना अनिवार्य होता है और इसी के तहत विभाग को सूचना देकर स्कूल फीस बढ़ाई जाती है। लेकिन स्कूल संचालक शिक्षा विभाग द्वारा तय किए गए नियमों की अनदेखी करते हुए फार्म छह जमा कराए बिना ही फीस बढ़ा दी है। उन्होंने बताया कि जब एसोसिएशन ने स्कूलों द्वारा ली जाने वाली स्मार्ट क्लास चार्ज, कंप्यूटर चार्ज, बिल्डिंग फंड, वार्षिक शुल्क आदि का बात उठाई तो स्कूल वालों ने बहुत होशियारी से इन चार्जिज को डेवलपमेंट चार्ज में बदल दिया।

अभिभावक ज्यादा फीस न भरें
उन्होंने आह्वान किया कि यदि कोई स्कूल संचालक सरकार द्वारा तय किए गए नियमों से ज्यादा फीस ले तो बच्चों के अभिभावक अपने बच्चों की फीस ना भरे। एसोसिएशन सभी प्रमुख स्कूलों के बाहर हेल्प डेस्क लगाकर अभिभावकों को स्कूल फीस आरटीजीएस आदि माध्यमों से जमा करवाने में मदद करेगी। लेकिन अब निजी स्कूलों की दादागिरी नहीं चलने दी जाएगी।
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अभिभावकों ने डिप्टी डीईओ से पूछे सवाल
मांगपत्र लेने पहुंचे डिप्टी डीईओ से अभिभावकों ने सवाल जवाब करने शुरू कर दिए। कुछ अभिभावक बोले की शिक्षा अधिकारियों को अब मनमर्जी करने वाले स्कूल संचालकों पर कार्रवाई करनी पड़ेेगी, नहीं तो उनको अपनी कुर्सी छोड़नी होगी। स्कूल संचालक तरह-तरह के चार्ज लगाकर फीस वसूल रहे हैं, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। डिप्टी डीईओ ने बताया कि विभाग इन मामलों में कार्रवाई कर रहा है और एक स्कूल के मामले में मांगी गई रिपोर्ट भी पेरेंट्स एसोसिएशन को दी गई है।
 
महिला बोली एसी व आरओ का चार्ज पर न ठंठी हवा, न पानी
एक महिला अभिभावक ने कहा कि स्कूल प्रबंधन एसी व आरओ के चार्ज भी लगाता है। जबकि स्कूलों में एसी का चार्ज लेने के बाद भी ठंडी हवा नहीं है। स्कूलों में आरओ तो लगा हुआ है, लेकिन आरओ का पानी नहीं मिल पाता। बच्चे सुबह घर से अपने साथ पानी की बोतल लेकर जाते हैं। स्कूलों में टीचर हैं, लेकिन वे सब सिलेबस पूरा कराने तक सीमित हैं। अभिभावकों को अपने बच्चों की पढ़ाई पूरी कराने को लेकर ट्यूशन लगवाने पड़ते हैं। स्कूल प्रबंधन भी साफ कहता है कि बच्चों को आईएएस, आईपीएस व एचपीएस बनाना है तो फीस तो देनी ही पड़ेगी।

राजनीतिक पार्टियों का बहिष्कार करने का एलान
अभिभावकों ने कहा कि वे सब निजी स्कूल संचालकों की मनमर्जी के विरोध में हैं और इसको लेकर सभी संगठनों का समर्थन मांगा गया था, लेकिन किसी भी राजनीतिक दल द्वारा पेरेंट्स का समर्थन नहीं दिया है। उनको पेरेंट्स की जरूरत नहीं है तो पेरेंट्स को भी ऐसे दलों व नेताओं की जरूरत नहीं है। इस पर भाजपा पार्षद अशोक नारंग ने कहा कि शहरी विधायक उनके साथ है और अभिभावकों की मांगों को मुख्यमंत्री के सामने उठाया गया है।

फार्म नंबर छह की रिपोर्ट
ब्लाक    जमा स्कूल    जमा न कराने वाले
पानीपत    57    15
समालखा    23    16
मतलौडा    19    15
इसराना    23    14
बापौली    01    13
नोट : आकड़े शिक्षा विभाग से प्राप्त किए गए हैं।

जिले के सभी स्कूलों से फार्म छह मांगा गया है। कुछ स्कूलों द्वारा इसको नहीं दिया गया है। इस पर विभागीय कार्रवाई चल रही है। विभाग स्कूलों में सरकार के हर नियमों को लागू कराएगा और इनकी अनदेखी करने वाले स्कूलों पर कार्रवाई भी की जाएगी। विभाग रिजल्ट रोकने के मामले में भी कार्रवाई कर रही है।
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राजपाल सिंह, डिप्टी डीईओ, जिला शिक्षा विभाग पानीपत।
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