पानीपत के निजी स्कूल संचालक आखिर शिक्षा विभाग की नोटिस चस्पां कार्रवाई के विरोध में स्टाफ समेत सड़क पर उतर आए। प्रदर्शन के दौरान जीटी रोड पर लोक निर्माण विभाग के रेस्ट हाउस के सामने जाम लगा दिया।
वहीं, दूसरी तरफ संचालकों ने स्कूलों की विरोध स्वरूप पांच दिन की छुट्टी घोषित कर दी। शिक्षा विभाग की कड़ी कार्रवाई और स्कूल संचालकों की जिद के चलते हजारों बच्चों को परीक्षा के दिनोें अपने भविष्य की चिंता सताने लगी। स्कूल संचालकों ने प्रशासनिक अधिकारियों के मार्फत मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर बच्चों और संचालकों के भविष्य को देखने की मांग की है।
प्राइवेट स्कूल बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले निजी स्कूल संचालक वीरवार को लघु सचिवालय पर पहुंचे और एडीसी के मार्फत मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। प्रधान दलबीर सिंह खोखर ने कहा कि शिक्षा विभाग जिले के 134 स्कूलों को बंद करने की तैयारी में हैं। इन स्कूलों के बंद होने पर अध्यापक बेरोजगार हो जाएंगे और बच्चों को भविष्य अधर में लटक जाएगा।
उन्होंने कहा कि स्कूल संचालक बच्चों को पढ़ाकर युवाओं को रोजगार दे रहे हैं और उनके प्रयास से शिक्षा का स्तर लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में स्कूलों को बंद करने की कार्रवाई पर विराम लगाया जाए। सरकार ने उनकी मांगों की तरफ ध्यान नहीं दिया तो वे चंडीगढ़ या रोहतक स्थित सीएम हाउस में संघर्ष करने को मजबूर होंगे।
इस मौके पर राजेश कुमार, अजय, चरण सिंह, मांगेराम, जगदीप, विनोद, सुनील, जोगेंद्र, अनिल कुमार, दीपा, अंशिका, दीपिका और कमलेश स्कूल संचालक मौजूद रहे।
प्रदर्शन करते जीटी रोड पर पहुंचे
स्कूल संचालक और स्टाफ इससे पहले सर्कस ग्राउंड पर इकट्ठे हुए। इसकी अध्यक्षता प्राइवेट स्कूल बचाओ संघर्ष समिति के प्रधान दलबीर सिंह खोखर ने की। यहां पर संचालकों और स्टाफ ने शिक्षा विभाग और सरकार विरोधी नारेबाजी की और काले बिल्ले लगाकर जीटी रोड पर प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। स्कूल संचालक और स्टाफ विरोध स्वरूप जीटी रोड पर रेस्ट हाउस के सामने बैठ गए और पांच मिनट तक जाम लगाया। इस दौरान दोनों तरफ जीटी रोड बाधित रहा।
संचालकों ने सर्वे पर उठाए सवाल
निजी स्कूल संचालकों ने शिक्षा विभाग के सर्वे पर सवाल उठाए हैं। प्रधान दलबीर सिंह खोखर ने कहा कि जिले में 134 नहीं, पांच सौ स्कूल हैं। विभाग इनकी आड़ में अन्य स्कूलों को भी चुपचाप बंद करने के प्रयास में है। उन्होंने कहा कि सरकार और विभाग इस सत्र से सब स्कूलों को आरटीई के तहत मान्यता देने की बात कहता है। लेकिन दूसरी ओर स्कूलों को नोटिस थमा रहा है। विभाग की यह रणनीति दोगली है और वे इसको लेकर संघर्ष करने को तैयार हैं।
बच्चों की पढ़ाई पर संकट
हरियाणा बोर्ड के स्कूलों में 10वीं कक्षा की परीक्षा शुक्रवार को शुरू हो रही है और कई स्कूलों में सितंबर टेस्ट चल रहे हैं। स्कूल संचालकों ने विभाग की कार्रवाई रुकवाने के लिए परीक्षा के बीच में ही पांच दिन की छुट्टी घोषित कर दी। स्कूल इसके आगे बंद होते हैं तो विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होगी और उनको परीक्षा में नुकसान उठाना पड़ सकता है।
अभिभावकों को साथ लेने की चेतावनी
निजी स्कूल संचालकों ने खुद को बचाने के लिए अभिभावकों और बच्चों को भी संघर्ष में शामिल करने की चेतावनी दी है। संचालकों ने कहा कि विभाग अपने कदमों को नहीं रोकता है तो वे फैसला लेने को मजबूर होंगे और बच्चों व अभिभावकों समेत चंडीगढ़ या रोहतक सीएम के निवास पर धरना देने को मजबूर होंगे।
नोटिसों की होली जलाएंगे
प्रशासन ने उनकी मांगों को जल्द ही लागू करने का आश्वासन दिया है। दो दिन में आश्वासनों पर कार्रवाई नहीं होती है तो तीसरे दिन उनका संघर्ष तेज होगा। वे शिक्षा विभाग के सभी नोटिसों को फाड़ देंगे और सीएम आवास के बाहर होली जलाएंगे। उनकी मांग नहीं मानी तो वे आमरण अनशन पर भी बैठने को तैयार हैं।