फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नए सत्र में स्कूलों की फीस न्यूनतम पन्द्रह प्रतिशत बढ़ेगी, दो से आठ हजार वार्षिक बढ़ेगा दबाव

Thu, 18 Feb 2016 12:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/पानीपत
विज्ञापन
विज्ञापन
नए सत्र में बच्चों के दाखिला कराने को लेकर जोड़ तोड़ में लगे अभिभावकों को एक बार फिर से अपनी जेब मजबूत करनी होगी।
विज्ञापन


स्कूल संचालकों ने नए सत्र में फीस न्यूनतम 15 प्रतिशत बढ़ाने का फैसला लिया है। सहोदय की बैठक में इस पर मुहर भी लगा दी है।

स्कूल प्रबंधन के फैसले के बाद अभिभावकों पर एक विद्यार्थी वार्षिक फीस में दो से आठ हजार रुपये अतिरिक्त दबाव पड़ेगा।

वहीं सहोदय स्कूल कांपलेक्स ने फीस बढ़ाने के फैसले को अभिभावकों की तरफ नरम रुख बताया है। सहोदय स्कूल कांपलेक्स की बैठक बुधवार को एसडी विद्या मंदिर सीनियर विंग में हुई।

जिसकी अध्यक्षता चेयरमैन डॉ. धर्मदेव विधार्थी व संचालन सचिव विजेंद्र मान ने किया। जिसमें सीबीएसई के 22 स्कूलों के प्रमुख व प्रतिनिधि शामिल हुए।

एसडीवीएम प्रिंसिपल सबिता चौधरी ने सबका स्वागत किया। बैठक में नए सत्र की फीस बढ़ाने, 134-ए, बसों की अवधि, शिक्षा के अधिकार, पाठ्यक्त्रस्म, अध्यापन, मूल्यांकन, यातायात सुरक्षा व शिक्षा समेत अन्य विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।
विज्ञापन


सभी स्कूल संचालकों ने काफी देर चले मंथन के बाद नए सत्र में फीस कम से कम 15 प्रतिशत बढ़ाने का फैसला लिया।

यह पड़ेगा असर
स्कूल संचालकों ने नए सत्र से दाखिला चार्ज व फीस बढ़ाने का फैसला लिया है। स्कूल संचालकों के फैसले के बाद एक विद्यार्थी की दो हजार से आठ हजार रुपये वार्षिक फीस अधिक लगेगी।

सहोदय स्कूल कांपलेक्स के अनुसार जिले में 46 स्कूल सीबीएसई आधारित हैं। एक स्कूल में ओसतन दो हजार बच्चे पढ़ते हैं। इस हिसाब से सीबीएसई स्कूलों में 92 हजार बच्चे हुए। स्कूल संचालकों की फीस वृद्धि से जिले के अभिभावकों को कम से कम साढ़े 18 करोड़ व अधिक से अधिक साढ़े 73 करोड़ रुपये अतिरिक्त फीस जमा करानी पड़ेगी।

स्कूल संचालकों की फीस बढ़ाने के पीछे दलील
स्कूल संचालक फीस बढ़ाने के पीछे अपनी दलील भी रख रहे हैं। स्कूल संचालकों का कहना है कि स्टाफ का हर साल 19 प्रतिशत वेतन बढ़ाया जाता है।

यह सब अभिभावकों से ही लिया जा सकता है। संचालकों ने 19 प्रतिशत फीस बढ़ाने को ज्यादा माना और 15 प्रतिशत पर सहमति जताई। स्कूल संचालकों ने बाकी को दूसरे खर्चों से एडजस्ट करने पर विचार बनाया है।

बसों की उम्र बढ़वाने को लेकर डालेंगे याचिका
सहोदय स्कूल कांपलेक्स की बैठक में नए साल की फीस बढ़ाने के साथ स्कूली बसों की उम्र बढ़वाने पर भी विचार किया गया।

सचिव विजेंद्र मान ने बताया कि सरकार द्वारा स्कूली बसों को कंडम करने की अवधि 15 साल से घटाकर 10 साल कर दी है।

इसके अलावा सीसीटीवी कैमरे लगाने के आदेश हैं। उन्होंने कहा कि स्कूल की एक बस इन दस साल में मुश्किल से डेढ़ किलोमीटर की चल पाएंगी, जबकि कंपनी द्वारा बसों की तीन लाख किलोमीटर की गारंटी दी जाती है। वे कंपनी की गारंटी से पहले बसों को कंडम करने की स्थिति में नहीं है। वे अपनी मांगों को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में केस डालेंगे।
विज्ञापन


सहोदय स्कूल कांपलेक्स की बैठक में नए सत्र की फीस व परीक्षा समेत अन्य विषयों पर चर्चा की गई है। जिसमें न्यूनतम फीस 15 प्रतिशत बढ़ाने व 154-ए को लागू करने का फैसला लिया। गैर बोर्ड कक्षाओं की डेटसीट व छुट्टियां कॉमन करने पर फैसला लिया है। सब फैसले अभिभावकों के हित को देखकर लिए गए हैं।
डॉ. धर्मदेव विद्यार्थी, चेयरमैन, सहोदय स्कूल कांपलेक्स पानीपत। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें