भारतीय स्टेट बैंक और इसकी सहयोगी बैंकों ने अपनी मांगों को लेकर लेन-देन बंद रखा और सरकार की अनदेखी पर रोष व्यक्त किया। जिससे उपभोक्ताओं को उल्टे पैर लौटना पड़ा। बैंक यूनियन ने सरकार से मांगों को लागू करने की मांग की।
ऑल इंडिया बैंक एंप्लाई एसोसिएशन के आह्वान पर एसबीआई व इसके सहयोगी बैंकों ने शुक्रवार को हड़ताल रखी।
जिससे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की 21, स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद की एक, स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर की एक, स्टेट बैंक ऑफ पटियाला की 11 शाखाओं में लेन-देन ठप रहा। एसोसिएशन ने सरकार की अनदेखी पर रोष व्यक्त किया और कहा कि सरकार एसबीआई के साथ अन्य सहयोगी बैंकों के विलय की योजना बना रहा है। जिससे बैंक कर्मी नाराज है।
सरकार बैंकों को मजबूत बनाने की बजाय कमजोर करने में लगी हुई है। उनकी मांगों को लागू नहीं किया गया तो वे प्रदर्शन तेज करने को मजबूर होंगे। वहीं बैंकों में लेन-देन न होने पर उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। उपभोक्ता शुक्रवार सुबह लेन-देन को बैंक तो पहुंचे, लेकिन बैंक बंद होने पर उल्टे लौटना पड़ा।