फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

समर्थन न देने वालों का समाज करेगा फैसला, चंदे का पैसा हरियाणा में ही होगा खर्च

Mon, 10 Apr 2017 12:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत।
विज्ञापन
पानीपत - फोटो : पानीपत
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो      
विज्ञापन

पानीपत। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा कि जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान समर्थन न देने वालों का समाज अपने स्तर पर फैसला करेगा। इसको लेकर समाज को मौके की तलाश है। स्पष्ट किया कि आरक्षण आंदोलन के दौरान जमा किए गए चंदे के पैसे को हरियाणा में ही लगाया जाएगा।      
यशपाल मलिक रविवार को जाट आरक्षण आंदोलन के बाद पहली बार पानीपत के गांव उग्रा खेड़ी की चौपाल पहुंचे थे। यहां भंडारे में शिरकत कर 36 बिरादरी का समर्थन देने के लिए आभार जताया। इस दौरान मलिक ने पत्रकारों से कहा कि आरक्षण को लेकर सरकार और जाट समाज के बीच हुए समझौते में निरंतर प्रगति हो रही है। इस माह के अंत तक पता चल जाएगा कि सरकार को आरक्षण सहित अन्य मांगों को पूरा करने में कितना समय लगेगा। उन्होंने कहा कि 16 अप्रैल को गोहाना में होने वाली बैठक में सांकेतिक धरनों को लेकर भी विचार किया जाएगा। आंदोलन के दौरान जिन नेताओं और लोगों ने जाट समाज को समर्थन नहीं दिया था, उसका खामियाजा उन्हें आने वाले समय में भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यूपी में चुनाव के दौरान जाट समाज ने अपनी मांगों को पूरा कराने के लिए ही विरोध जताया था। विरोध की आवाज केंद्र तक पहुंचानी जरूरी थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूपी के बिजनौर में जाटों और किसानों के पक्ष में भाषण देकर उनका विश्वास जीत लिया। तभी तो यूपी में 14 विधायक जाट समाज से बने हैं। मलिक ने कहा कि यूपी में सरकार किसानों के ऋण माफी सहित कई अच्छे काम कर रही है। इसी तरह हरियाणा के किसानों के भी ऋण माफ होने चाहिए। मलिक ने कहा कि चंदे के रूप में एकत्रित हुआ पैसा हरियाणा में ही रहेगा। चंदे की राशि को हर जिले में इमरजेंसी फंड के तौर पर रखा जाएगा। इसे जाट समाज की भलाई में खर्च किया जाएगा।
विज्ञापन

भंडारे के दौरान यह रहे मौजूद      
संघर्ष समिति के राष्ट्रीय सचिव प्रताप सिंह दहिया, जिला अध्यक्ष सतबीर सिंह देशवाल, मास्टर हरपाल सिंह, निशान सिंह मलिक, भाकियू के जिला अध्यक्ष जयकरण कादियान, भाकियू के उपाध्यक्ष और पूर्व सरपंच बिंटू मलिक, सुरेश मलिक रिसालू, धर्मबीर मलिक, दयानंद बिंझौल, डॉ. दिलावर सिंह, रवींद्र बिंझौल, चतुर्भुज बुड़शाम, रणधीर सिंह, चंदा कमेटी के अध्यक्ष कैप्टन रामचंद्र डाहर, मास्टर मामन सिंह, राजू, सूखा मलिक कुटानी, बिजेंद्र सिंह, रबि कुमार, देवेंद्र मलिक, रामकुवार, सुरेश करहंस और राकेश गुलिया मौजूद रहे।   
दो बुजुर्गों को शॉल ओढ़ाई     
संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने गांव उग्रा खेड़ी के बुजुर्ग सूबे सिंह मलिक (91) व वृद्धा शांति देवी (95) को पहले तो शॉल ओढ़ाई और उनके पैर छूकर आशीर्वाद भी लिया। बुजुर्ग सूबे सिंह ने मलिक का पगड़ी पहनाकर स्वागत किया।     
चंदे का चल रहा है ऑडिट       
जाट आरक्षण संघर्ष समिति के बैनर तले चल रहे धरनों में एकत्रित हुए चंदे का समिति द्वारा ऑडिट किया जा रहा है। किस धरने से कितनी राशि चंदे के रूप में पहुंची है और कितना खर्च हुआ है। यह देखा जा रहा है। गोहाना में 16 अप्रैल को संघर्ष समिति की प्रदेश स्तरीय बैठक में चंदे का पूरा ब्योरा तैयार कर सभी के सामने रखा जाएग्रा। चंदा कमेटी में पांच सदस्यों को शामिल किया गया है।      
समिति का बढ़ेगा कुनबा      
संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा कि 16 अप्रैल को होने वाली बैठक में प्रदेश की नई कार्यकारिणी भी गठित की जाएगी। इसमें संघर्ष समिति का कुनबा बढ़ेगा। प्रदेश के युवाओं और अन्य पदाधिकारियों की सूची बनाई जा रही है। हरियाणा में प्रदेश की कार्यकारिणी गठित करने के बाद राष्ट्रीय कार्यकारिणी गठित की जाएगी।
विज्ञापन

दादा खेड़े से मांगी थी मन्नत      
संघर्ष समिति के सदस्यों और उग्रा खेड़ी के ग्रामीणों ने दादा खेड़े से मन्नत मांगी थी कि स्टेडियम में चल रहा धरना शांतिपूर्वक तरीके से चले और जाट समाज की सभी मांगें पूरी हो जाएं। उसी के चलते रविवार को उग्रा खेड़ी में भंडारा हुआ। यशपाल मलिक ने कहा कि उनकी मन्नत पूरी होने पर ही वह ग्रामीणों का आभार जताने गांव उग्रा खेड़ी में पहुंचे है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें