माई सिटी रिपोर्टरपानीपत। पानीपत रिफाइनरी से करीब 2100 किलोग्राम कैटलिस्ट चोरी करने के मामले में सीआईए-टू पुलिस ने मुख्य आरोपी करनाल के गांव बाल रंगडान निवासी रामशरण को वीरवार शाम सेक्टर-18 मोड़ के पास से गिरफ्तार किया है। वह रिफाइनरी में एक कंपनी में सफाईकर्मी के तौर पर काम करता था। काम के दौरान वह ड्रमों की सील तोड़कर उसमें से कैटलिस्ट निकाल लेता था और लंच के समय चोरी का माल बाहर अपने साथियों को सौंप देता था।
सीआईए-टू प्रभारी सब इंस्पेक्टर अनिल पवार ने बताया कि 14 जुलाई को रिफाइनरी (समता) के मैनेजर पंकज कुमार ने थाना सदर में चोरी की शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें कहा गया था कि डीसीयू के पास वायटावर के अंदर से सीआईएसएफ जवानों ने कैटलिस्ट से भरा एक संदिग्ध बोरा बरामद किया था। इसके बाद टीएस और मटेरियल विभाग की संयुक्त जांच की गई। इसमें कैटलिस्ट के कई ड्रमों की सील टूटी मिली। ड्रमों का वजन कराने पर करीब 2100 किलोग्राम कैटलिस्ट कम पाया गया।
थाना सदर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह ने आरोपियों की धरपकड़ की जिम्मेदारी सीआईए-टू टीम को सौंपी। टीम ने जांच के दौरान आरोपी रामशरण को चिह्नित कर वीरवार शाम सेक्टर-18 मोड़ के पास से गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक पूछताछ में रामशरण ने बताया कि वह पिछले तीन साल से रिफाइनरी के कैटलिस्ट गोदाम में मशीनों की सफाई का काम कर रहा था। इसी दौरान वह अपने एक साथी के साथ मिलकर कैटलिस्ट से भरे ड्रमों की सील तोड़ देता था और उसमें से माल चोरी कर लेता था।
रामशरण के अनुसार, चोरी किए गए कैटलिस्ट को लंच टाइम में वह अपने तीसरे साथी को सौंप देता था। इसके बाद चोरी का माल रिफाइनरी से बाहर पहुंचाया जाता था।
पूछताछ में आरोपी ने लंबे समय से इस तरह चोरी की वारदातों को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। पुलिस ने रामशरण को शुक्रवार को अदालत में पेश करने के बाद उसे एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
कैटेलिस्ट को जानें
इसको उत्प्रेरक कहते हैं। यह पदार्थ किसी रासायनिक अभिक्रिया की गति को बढ़ा या घटा देता है, लेकिन खुद अभिक्रिया के अंत तक अपरिवर्तित रहता है।