गुरुद्वारा में श्री सुखमणी साहिब के पाठ करती स्त्री सत्संग सभा के सदस्य। संवाद
समालखा। माॅडल टाउन स्थित गुरुद्वारा नानक दरबार साहिब में चार साहिबजादों व माता गुजरी की शहादत को समर्पित धार्मिक समागम का आयोजन किया गया। स्त्री सत्संग सभा द्वारा श्री सुखमणी साहिब के पाठ किए गए। कीर्तन के उपरांत भाई गुरमुख सिंह ने संगत को निहाल किया।
गुरुद्वारा कमेटी प्रधान जगतार सिंह बिल्ला ने आंनदपुर साहिब से लेकर चमकौर गढ़ी तक के इतिहास के बारे में संगत को रूबरू कराया। उन्होंने चमकौर की गढ़ी में 10 लाख मुगल फौजों के साथ 40 सिखों व गुरु गोबिंद सिंह के साहिबजादों बाबा अजीत सिंह व जुझार सिंह ने अपनी शहादत दी। इस तरह दोनों साहिबजादों ने धर्म-देश के लिए कुर्बानी दी। बिल्ला ने बताया कि किस तरह से पहाड़ी राजाओं ने मुगलों के साथ मिल षड्यंत्र रचकर झूठी कसमें खाईं और बाद में अपनी कसमों से मुकर गए और चारों साहिबजादों को सरहिंद की दीवार में जिंदा चुनवा दिया। बिल्ला ने बताया कि दीवार बनने के साथ ही साहिबजादों ने जपूजी साहिब का पाठ जारी रखा। दीवार पूरी होने के साथ ही अंदर से जयकारों की आवाज आई।