समालखा। समालखा की विवादित फिरनी की निशानदेही का मामला एक बार फिर से खटाई में पड गया। डाटा मिसमैच होने के चलते बुधवार को फिरनी की निशानदेही नहीं हो सकी।
राजस्व विभाग ने निशानदेही के लिए पानीपत से पुराने रिकार्ड की सदर मसावी मंगवाने के लिए लिखा है। राजस्व विभाग के अधिकारियों के मुताबिक अगले सप्ताह सोमवार-मंगलवार तक सदर मसावी आने के बाद ही निशानदेही हो सकेगी। उधर, बुधवार को एसडीएम ने निशानदेही को लेकर जद्दोजहद कर रहे लोगों को कार्यालय में बुलाकर बयान दर्ज कर मामले से अवगत कराया। समालखा विधायक मनमोहन भड़ाना के आदेश पर नगर परिषद द्वारा फिरनी की निशानदेही के लिए मंगलवार को सुबह 11 बजे का समय निर्धारित किया गया। लेकिन एसडीएम अमित कुमार व नायब तहसीलदार कैलाश चंद व कानूनगो अनूप सिंह की अगुवाई में देर शाम पांच बजे के बाद निशानदेही का काम शुरू हुआ। समालखा गांव की फिरनी के आसपास अवैध कब्जों के कारण निशानदेही के पत्थर गायब हो चुके हैं। 27 फीट चौड़ी फिरनी अवैध कब्जों के चलते कई जगह छह फीट तक संकुचित हो गई है।