पानीपत/समालखा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने जन आशीर्वाद रैली में समालखा को नगर परिषद का दर्जा देने की घोषणा के साथ करोड़ों की सौगात दे दी। मुख्यमंत्री ने यहां आम और खास से लेकर उद्यमियों की मांगों का भी ध्यान रखा। चौतरफा विकास की घोषणा पर रैली में कई बार तालियां बजीं। जहां बस अड्डे के सामने हाईवे पर अंडरपास बनाने की घोषणा की, वहीं डिकाडला के समीप एचएसआईआईडीसी के माध्यम से उद्योगों के लिए 100 से 500 एकड़ जमीन लेकर इंडस्ट्री स्थापित करने की बड़ी घोषणा की। यह समालखा यूपी यमुना पुल के मूर्त रूप में मिलने के बाद नए आयाम स्थापित करेगा।
मुख्यमंत्री ने रविवार को अनाज मंडी में जन आशीर्वाद रैली में विपक्षियों पर हमला बोला। जनता को साधते हुए एक के बाद एक दर्जनों घोषणाएं की। रैली के संयोजक वरिष्ठ नेता संजय छौक्कर ने हलके की तरफ से अपना मांगपत्र सीएम को सौंपा।
मुख्यमंत्री ने समालखा में सौ-सौ एकड़ के सेक्टर बनाने की घोषणा की। 50 बेड के सीएचसी को 100 बेड का अस्पताल बनाने की घोषणा की। अस्पताल से लघु सचिवालय तक जाने के लिए करीब चार किलोमीटर का लंबा रास्ता है। इस रास्ते के बीच में कुछ जमीन लोगों से लेकर लघु सचिवालय से अस्पताल तक का सीधा रास्ता बनाया जाएगा। करहंस से पट्टीकल्याणा गांव तक पूर्वी बाईपास के रूप में आठ किलोमीटर लंबी सड़क बनाई जाएगी। रविदास सभा और कश्यप राजपूत धर्मशाला को 11-11 लाख रुपये देने की घोषणा की। समालखा से नारायणा फाटक पर अंडरपास के लिए 6.80 करोड़ रुपये के काम को कराने की घोषणा की। बस अड्डे के सामने हाईवे पर अंडरपास बनाया जाएगा। पंजाबी सभा के भवन के रुके हुए काम को पूरा किया जाएगा। चुलकाना धाम के सुंदरीकरण के लिए दो करोड़ देने की घोषणा की। बापौली में करीब सवा करोड़ की लागत से सब्जी मंडी बनाने और बापौली गांव में बस अड्डा बनाने की घोषणा की। नंगला आर ड्रेन पुल पर साढ़े चार करोड़ रुपये खर्च कर पुल बनाया जाएगा। मार्केटिंग बोर्ड की नौ सड़कों के लिए साढ़े आठ करोड़ रुपये और पीडब्ल्यूडी की सड़कों की मरम्मत के लिए 25 करोड़ रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने अग्रवाल समाज को 2012 में मिली जमीन के विवाद को भी जल्द सुलझाने का भरोसा दिया। सीएम ने कहा कि इससे पूर्व समालखा के लिए 57 घोषणाएं की गई थीं, जिनमें से 42 पूरी हो चुकी हैं। बाकी घोषणाओं पर भी काम करवाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष भापरा स्टेडियम का उद्घाटन किया था। वह अभी तक खेल विभाग को नहीं मिल पाया है। यह स्टेडियम आगामी एक महीने में खेल विभाग को सौंप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि समालखा की फाउंड्री इंडस्ट्री से जुड़ी कुछ समस्याएं हैं, जिन्हें जल्द दूर किया जाएगा।