माई सिटी रिपोर्टरपानीपत। डेरा बस्सी में मारे गए राहुल मलिक का परिवार मूल रूप से पानीपत के नवादा-पार गांव का रहने वाला है। साहिल उनके बड़े भाई मांगे मलिक का बेटा है। परिजन का कहना है कि वह पहले ही झगड़ालू किस्म का है। कई बार परिवार के लोगों पर भी हमला कर चुका है। पांच साल पहले मांगे का परिवार शांतिनगर छोड़कर बागपत में बस गया था। आरोपी साहिल ने असंध रोड पर करीब छह महीने फाइनेंस का काम किया।
राहुल के चचेरे भाई आलम ने बताया कि राहुल और मांगे करीब 15 साल पहले गांव का मकान बेच कर यहां से चले गए थे। इसके बाद दोनों भाइयों में विवाद हुआ तो राहुल ने मांगे को अलग कर दिया था। राहुल का परिवार पानीपत की विद्यानंद कॉलोनी और मांगे का परिवार मॉडल टाउन थाना के शांतिनगर में आकर बस गया था। करीब पांच साल मांगे का परिवार बागपत में जाकर बस गया। वहीं राहुल मलिक ने डेरा बस्सी की एक युवती से प्रेम विवाह कर लिया और वहीं बस गए। उन्होंने प्रॉपर्टी का काम शुरू किया। साहिल अपने चाचा से प्रॉपर्टी और पैसे की मांग करता था।
बहन की मौत पर चर्चा से भाई पर किया था हमला
पानीपत। चचेरे भाई आलम ने बताया कि साहिल आपराधिक किस्म का है। वर्ष 2021 में साहिल की बहन की मौत हो गई थी। इसके कुछ दिन बाद ही साहिल ने उस पर बहन की मौत के बारे में चर्चा करने का आरोप लगाते हुए हमला कर दिया था। इसकी प्राथमिकी थाना शहर में दर्ज कराई थी। बाद में साहिल ने मुकदमा उठाने का दबाव बनाया और जान से मारने की धमकी दी। इस मामले में भी सनौली थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। ब्यूरो