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खांसी-जुकाम के मरीजों का आरटीपीसीआर टेस्ट अनिवार्य

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पानीपत। ओमिक्रॉन के खतरे से निपटने के लिए सिविल सर्जन ने अस्पताल में आने वाले खांसी-जुकाम के हर मरीज की कोविड जांच अनिवार्य कर दी है। सिविल सर्जन ने पीएमओ को इस संबंध में निर्देश जारी दिया गया है। इसमें डॉक्टरों के लिए खांसी-जुकाम के हर मरीज की स्लिप पर कोरोना जांच लिखनी अनिवार्य कर दिया गया है।
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इसके अलावा टीबी, एचआईवी एवं एड्स के हर रोगी की भी कोरोना जांच करवाई जाएगी। असल में, टीबी, एचआईवी एवं एड्स के रोगियों की रोगप्रतिरोधक क्षमता बेहद कमजोर होती है और जल्द संक्रमण की चपेट में आते हैं। जिले में फिलहाल टीबी के तीन हजार और एचआईवी एवं एड्स के 750 रोगी हैं।
प्रथम तल पर बनाया गया कोविड कॉर्नर
अस्पताल के प्रथम तल पर कोविड जांच के लिए अलग से कॉर्नर बना दिया गया है। मरीज की कोरोना जांच के लिए यहां आकर सैंपल देगा। सिविल अस्पताल में प्रतिदिन 1200 सैंपलों की जांच की जा सकती हैं।
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संक्रमण की पुष्टि के लिए आरटीपीसीआर टेस्ट जरूरी
ओमिक्रॉन वैरिएंट, पहले आए अल्फा, बीटा, गामा और डेल्टा की तुलना में तेजी से फैलता है। त्वरित जांच के लिए रैपिड एंटीजन टेस्ट कराया जाता है। कोरोना के हर संक्रमण की पुष्टि के लिए आरटीपीसीआर टेस्ट जरूरी है। -डॉ. सुनील संडूजा, नोडल अधिकारी, कोविड जांच
खांसी-जुकाम के साथ टीबी, शुगर मरीजों की भी होगी जांच
कोविड सैंपलिंग बढ़ाकर ओमिक्रॉन के खतरे से निपटा जा सकता है। इसके लिए ही खांसी-जुकाम के रोगी की भी कोविड जांच होगी। टीबी, शुगर एवं एड्स के रोगी की भी कोवडि जांच की जाएगी। इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए गए हैं। - डॉ. जितेंद्र कादियान, सिविल सर्जन
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इन निर्देशों का करना होगा ख्याल
मास्क पहनकर ही घर से बाहर निकलें।
भीड़ वाले स्थानों पर दो गज की शारीरिक दूरी का पालन करें।
घर या ऑफिस की खिड़कियां खोलकर रखें।
हैंडवॉश करते हुए भी संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है।
विदेश से आए यात्री के संपर्क में आए हैं तो होम आइसोलेशन में रहें।
बुखार-खांसी-जुकाम होने पर कोरोना की जांच अवश्य कराएं।
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