अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। रोडवेज यूनियनों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के तीसरे दिन रोडवेज अधिकारियों को यूनियन नेताओं पर कार्रवाई की पावर दे दी गई। इसके बाद पांच नेताओं को सस्पेंड कर दिया गया, जबकि 11 अन्य नेताओं की रिपोर्ट निदेशालय भेजी है। निदेशालय स्तर के अधिकारी इन पर भी कार्रवाई का फैसला किसी भी समय कर सकते हैं। यूनियन ने प्रदेशभर में कर्मचारी नेताओं को सस्पेंड करने की कार्रवाई को तुगलकी फरमान बताया है। साथ ही सरकार के विरोध में जोरदार नारेबाजी की। इन सबके बीच यात्रियों को तीसरे दिन भी रोडवेज बस नहीं मिल सकी। उन्हें निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा। प्राइवेट बस संचालकों ने रोडवेज की हड़ताल के चलते यात्रियों से मनमाना किराया वसूल किया। कई ने अपने रूट छोड़कर लंबी दूरी के मार्गों पर बस चलानी शुरू कर दी। रोडवेज और परिवहन विभाग के अधिकारी बेखबर बने रहे।
हरियाणा रोडवेज यूनियन का प्राइवेट बसों को परमिट देने के विरोध में बुधवार को तीसरे दिन भी चक्का जाम रहा। पानीपत डिपो के पांच यूनियन नेताओं के सस्पेंड होने के आदेश बुधवार सुबह ही आ गए। इसका कर्मचारी यूनियन ने जोरदार विरोध किया। दिल्ली डिपो से पानीपत पहुंचे ज्वाइंट एक्शन कमेटी के प्रधान अनूप सिंह सहरावत ने कहा कि यूनियन की परिवहन सचिव एसएस ढिल्लो की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें सरकार से हर संभव समाधान के प्रयास किए गए, लेकिन गतिरोध समाप्त नहीं हुआ। इसके उलटे पानीपत यूनियन के पांच कर्मचारियों समेत सैकड़ों नेताओं को सस्पेंड कर दिया गया। यूनियन कर्मचारियों ने कहा कि वे इससे डरने वाले नहीं हैं। वे रोडवेज के हक में अपनी मांगों को रखेंगे। मांगों को माने जाने तक चक्का जाम रखेंगे।
इनको किया गया सस्पेंड
परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बुधवार सुबह यूनियन नेताओं को सस्पेंड कर दिया। इसमें महासंघ के बलविंद्र सिंह, सर्व कर्मचारी संघ से कंडक्टर राजपाल सिंह, बीएमएस से कंडक्टर शमशेर, इंटक से जगदीश मिस्त्री वर्कशॉप, महासंघ से रणबीर शर्मा कंडक्टर शामिल हैं। इसके अलावा बीएमएस के तीन, सर्व कर्मचारी संघ के दो, महासंघ के चार और इंटक के दो कर्मचारी नेताओं की रिपोर्ट निदेशालय भेजी गई है।
पानीपत डिपो एक भी बस नहीं चली
पानीपत रोडवेज की बुधवार को लंबे रूट पर गई हुईं आठ बसें भी डिपो पहुंच गईं। इसके बाद सभी 122 बसें रोडवेज डिपो में खड़ी कर दी गईं। एक भी बस बुधवार को नहीं चली। दूसरी तरफ प्राइवेट बसों और अन्य प्रदेशों की बसों की बेहतर कमाई हुई। अधिकतर बस संचालक दिल्ली और अंबाला के बीच चले।
यूनियन नेताओं ने की नारेबाजी
यूनियन नेताओं ने तीसरे दिन भी गेट पर सरकार विरोधी नारेबाजी की। साथ ही 105 कर्मचारी नेताओं को सस्पेंड करने की निंदा की। इस दौरान जो भी यात्री बस स्टैंड आता उसे हड़ताल की बात कहकर बाहर जाने के लिए कह दिया जाता।
ट्रेनो में भी बढ़ रहे यात्री
तीन दिन से रोडवेज डिपो की हड़ताल के कारण यात्रियों को ट्रेनों का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे ट्रेनों में भी भीड़ बढ़ रही है। हड़ताल से ट्रेनों की टिकट बिक्री बढ़ गई है।
पांच कर्मचारियों को बुधवार सुबह सस्पेंड करने के ऑर्डर उच्च अधिकारियों की ओरे से मिले थे। इसका पालन किया गया है। यूनियनों के कुछ और कर्मचारी सस्पेंशन के निशाने पर है। अभी उनका नाम सामने नहीं आया है। उनकी रिपोर्ट निदेशालय भेज दी है। इन पर भी आदेशानुसार कार्रवाई की जाएगी। अपने मूल रूट छोड़कर लंबी दूूरी के रूटों पर चलने वाले प्राइवेट बस संचालकों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
महताब सिंह खर्ब, जीएम, पानीपत डिपो।