अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। रोडवेज का दूसरे दिन भी चक्का जाम रहा। इससे यात्रियों को परेशानी हुई। रोडवेज के अधिकारियों ने रोडवेेज की एक भी बस को बाहर निकालने तक का प्रयास तक नहीं किया। इस वजह से यात्रियों को निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा। डिपो की विभिन्न मार्गों पर चलने वाली लगभग 122 बसों में से 114 बसें खड़ी रहीं। आठ बसें दूसरों राज्यों से बुधवार शाम तक आने की संभावना है।
रोडवेज यूनियनों ने मंगलवार को दूसरे दिन भी चक्का जाम रखा। डिपो के दोनों गेटों पर ताला लगाकर सरकार विरोधी जोरदार नारेबाजी की। रोडवेज कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष वीरेंद्र धनखड़ पानीपत पहुंचे और कर्मचारियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जींद में प्राइवेट बस मालिकों ने नक्सलियाें की तरह रूप धारण कर जींद जिले के बस स्टैंड को तीन दिन तक बंद रखा था। इससे गतिरोध उत्पन्न हुआ। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राज्य सचिव परिवहन एसएस ढिल्लो की अध्यक्षता में बैठक हुई थी। इस बातचीत में हमने समाधान तलाशने का हर संभव प्रयास किया। लेकिन सरकार का गतिरोध कायम है। वह नई परिवहन नीति और नए रूट बस परमिट जारी करने पर अड़ी है। जबकि, उच्च न्यायालय ने भी नई परिवहन नीति को रद्द कर दिया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार केवल अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए पंजाब और राजस्थान की तरह हरियाणा में भी निगम बनाना चाहती है। उन्होंने कहा कि यह हड़ताल प्रदेश की जनता के हितों के लिए हैं। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिवहन नीति की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। यदि सरकार का अड़ियल रवैया रहता तो हड़ताल अनिश्चितकालीन हो जाएगी। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि हमारी तीन मांगें हैं। इनमें नई परिवहन नीति को रद्द करना, जींद में प्राइवेट बस मालिकों के तीन तक तानाशाही रवैया की न्यायिक जांच कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करना शामिल है। डिपो पर प्रदर्शन में शमशेर मलिक, सतीश पंवार, दिलावर राठी, वजीर मान, रामनिवास आदि मौजूद रहे।
एसडीएम पानीपत सुरक्षा की दृष्टि से डयूटी मजिस्ट्रेट लगाया
एसडीएम पानीपत को शहर की सुरक्षा के चलते ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया हैै। अब एसडीएम पानीपत की सुरक्षा की सारी जवाबदेही रहेगी।
ट्रेनों में करना पड़ रहा सफर
सुबह से यात्री रोडवेज डिपो में आने लगे थे, लेकिन कर्मचारी बंद होने की सूचना देकर यात्रियों को बाहर कर रहे थे। डिपो से बाहर निकलते ही यात्रियों ने ट्रेनों की ओर रुख करना शुरू कर दिया। इस कारण दिल्ली जाने वाली और अंबाला की ओर जाने वाली सभी पैसेंजर और मेल ट्रेनों में भीड़ रही। बसें न मिलने के कारण यात्रियों को परेशानी हुई। लोगों को प्राइवेट वाहनों का सहारा लेना पड़ा। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली छात्रों को हुई। बसें न मिलने के कारण अधिकतर छात्र स्कूल में नहीं पहुंच सके।
पानीपत रोडवेज को हो रहा प्रतिदिन 12 लाख का नुकसान
पानीपत रोडवेज की बसों के संचालित न होने से हर रोज करीब 12 लाख रुपये का नुकसान हो रहा है। ऐसे में देखा जाए तो बसें सोमवार शाम करीब चार बजे बंद हो गई थी।
सरकार के साथ मीटिंग रही बेनतीजा, बसों का रहेगा चक्का जाम
पानीपत डिपो प्रधान रणबीर शर्मा ने बताया कि सरकार के चंडीगढ़ में हुई मीटिंग में सरकार किसी भी नतीजे पर नहीं पंहुची है। इसलिए रोडवेज की सभी यूनियनें की तरफ से हड़ताल जारी रहेगी। जब तक सरकार मांगे नहीं मान लेती, तब तक बसों को रोड पर नहीं लाया जाएगा।
यूनियन की हड़ताल के चलते बसों को चलाया नहीं जा सका है। बुधवार से कर्मचारियों की ड्यूटियां लगा दी गई हैं। अब बुधवार को देखते है कि क्या रहेगा। सरकार की तरफ से कोई लिखित या मौखिक आदेश नहीं आया है। उच्च अधिकारियों की तरफ से आदेश आने पर ही कुछ कार्रवाई की जाएगी।
महताब सिंह खर्ब, जीएम, पानीपत डिपो।