पानीपत। प्रयागराज महाकुंभ में स्नान को लेकर बड़ी संख्या में यात्री पानीपत डिपो से रवाना होते थे। जिसको लेकर पानीपत डिपो से रोजाना बसों को प्रयागराज के लिए रवाना किया गया था। 5 फरवरी से रोजाना बसोंं को प्रयागराज के लिए रवाना किया गया था। जिसमें बड़ी संख्या में यात्री रोडवेज बसों में सवार होकर प्रयागराज पहुंचे थे। प्रयागराज के लिए रोडवेज बसों में 1064 रुपये किराया निर्धारित किया था। दोपहर के समय रवाना होने वाली बस अगले दिन सुबह 4 बजे प्रयागराज संगम में पहुंचती थी। रोडवेज की एक बस ने रोजाना 80 से 90 हजार रुपये की कमाई की। 35 से 40 बसों ने प्रयागराज रूट पर 32 से 35 लाख रुपये की कमाई कर रोडवेज निगम को सौंपी है।
यात्रियों की संख्या को देखते हुए रोजाना दो या तीन बसों को प्रयागराज के लिए रवाना किया जाता था। जिससे यात्रियों को यात्रा के दौरान किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। रोडवेज ड्यूटी इंस्पेक्टर शमशेर मलिक ने बताया कि पांच फरवरी से पानीपत डिपो से बसों को रवाना किया जाता था। प्रयागराज महाकुंभ में स्नान के लिए पानीपत से रोजाना सैकड़ों की संख्या में यात्री रवाना होते थे। जिसको लेकर रोडवेज निगम ने अपनी तैयारी कर रखी थी। अधिकारियों के दिशा-निर्देश पर बसों को रवाना किया जाता था। यात्रियों की संख्या ज्यादा होने पर अतिरिक्त बसों को प्रयागराज के लिए भेजा जाता था। उन्होंने बताया कि एक बस रोजाना आने जाने में 80 से 90 हजार रुपये की कमाई करती थी।