संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। हरिद्वार मेले और रक्षाबंधन के लिए की गई रोडवेज की तैयारियां कम पड़ गईं। यात्रियों को बसों में सीट नहीं मिलने के कारण खड़े होकर और बसों में लटककर यात्रा करनी पड़ी। हरिद्वार मेले के लिए वीरवार को 40 बसों को चलाया गया।
रक्षाबंधन पर बहनों के लिए करनाल, रोहतक और सोनीपत के लिए हर रूट पर दस बसों का संचालन किया गया। इसके बाद भी यात्रियों को बसों में खड़े होने की भी जगह नहीं मिल पाई। लोकल रूटों पर 25 बसों को चलाया गया और दिल्ली और चंडीगढ़ के लिए 28 बसों को रूट पर दौड़ाया गया। इसके अलावा यात्रियों की सहायता और मार्गदर्शन के लिए बस स्टैंड पर 10 कर्मचारियों को तैनात किया गया। इसके बाद भी व्यवस्था बस स्टैंड पर चरमराई हुई नजर आई।
यात्री विकास, राजेंद्र और रमेश ने बताया कि वह परिवार के साथ रक्षाबंधन मनाने के लिए बसों के माध्यम से अपने गंतव्य को जाने के लिए निकले, लेकिन बस स्टैंड पर यात्रियों की इतनी भीड़ देखकर ही उन्हें अंदाजा हो गया कि बस में सीट तो क्या खड़े होने की जगह नहीं मिलेगी। उन्होंने टिकट काउंटर से टिकट लेकर बसों में प्रवेश किया तो यात्रियों की ज्यादा संख्या के कारण उन्हें खड़े होकर ही यात्रा करनी पड़ी। उन्होंने रोडवेज अधिकारियों से ऐसी स्थिति में पहले ही पर्याप्त तैयारियां करने की बात कही। इससे यात्रियों को कोई परेशानी न हो।
हरिद्वार मेले और रक्षाबंधन के लिए कई रूटों पर अतिरिक्त बसों को चलाया गया है। इससे यात्रियों को यात्रा के दौरान कोई परेशानी न हो। वीरवार को दोपहर 12 बजे से शुक्रवार को रात 12 बजे तक महिला यात्रियों के लिए रोडवेज बसों में यात्रा निशुल्क रहेगी। -विक्रम कांबोज, महाप्रबंधक, रोडवेज डिपो।
बस स्टैंड पर बस के इंतजार में खड़े यात्री। संवाद
बस स्टैंड पर बस के इंतजार में खड़े यात्री। संवाद