पानीपत। नगर निगम में एक और बड़ा घोटाला सामने आया है। वार्ड-तीन में करीब एक करोड़ में बनाए जाने वाली दो सड़कों का काम किए बिना ही ठेकेदार करीब 80 लाख का भुगतान ले गया। हैरानी की बात यह है ठेकेदार दो साल से पार्षद को काम करने का आश्वासन दे रहा है और अधिकारियों से मिलकर एक साल पहले ही पेमेंट ले जा चुका है। पार्षद ने निगम की लेखा शाखा में मामले की पड़ताल की तो निगम अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत से भ्रष्टाचार की पोल खुल गई। निगम के छोटे से लेकर बड़े अधिकारियों तक ने इस पर चुप्पी साध ली है।
वार्ड तीन की पार्षद अंजलि शर्मा ने बताया कि उनके वार्ड में दो साल पहले 2021 में आरके पेंटर वाली गली का 49.58 लाख रुपये और सचदेवा डीलर वाली गली का 49.48 लाख रुपये से कंक्रीट की सड़क बनाने के दो टेंडर लगाए गए थे। दोनों टेंडरों का वर्क ऑर्डर सितंबर 2021 में राजेश इंटरप्राइजेज को दिया गया। ठेकेदार ने मई 2023 तक भी काम चालू नहीं किया। उसने एक्सईएन से लेकर आयुक्त तक सड़क बनवाने की मांग की, लेकिन उन्हें आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला। ठेकेदार ने 15 अप्रैल को अंतिम बार सड़क बनाने का आश्वासन दिया। उन्होंने 15 मई तक इंतजार किया। शक हुआ तो निगम से इसकी जांच कराई, जिसमें पता चला कि ठेकेदार को दोनों कामों की 70 से 80 प्रतिशत का भुगतान एक साल पहले ले चुका है। भुगतान के लिए ठेकेदार ने वार्ड चार के पार्षद का लेटर हेड लगाया है। उन्होंने इसकी लिखित शिकायत आयुक्त राहुल नरवाल को देकर ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है।
ठेकेदार ने पेमेंट कराने के लिए दूसरे वार्ड के पार्षद का लेटर हेड दिया है। इसे निगम संतुष्टि प्रमाणपत्र के तौर पर लेता है। इस बारे में वार्ड-चार के पार्षद रविंद्र नागपाल ने बताया कि उन्होंने ऐसा कोई लेटर हेड ठेकेदार को नहीं दिया है। ठेकेदार ने फर्जी तैयार करवाया होगा। उक्त ठेकेदार का उनके वार्ड में भी कोई काम नहीं हुआ। वह खुद इस प्रकरण की जांच की सिफारिश करते हैं।
सड़क घोटाला सामने आते ही नगर निगम के जेई से लेकर आयुक्त तक ने चुप्पी साध ली है। आयुक्त राहुल नरवाल को कई बार फोन किया गया, लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हुआ। उन्हें मोबाइल पर प्रकरण के बारे में मैसेज भेजा गया। हैरानी की बात यह है कि पिछले 15 दिन से एक के बाद एक कई घोटाले सामने आ चुके हैं। मगर, किसी भी प्रकरण में अधिकारियों या ठेकेदार पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।