पानीपत। राजस्व विभाग के अधिकारियों ने आईपीएस वाई पूरण कुमार की आत्महत्या के मामले में कार्रवाई की मांग के लिए सोमवार को सामूहिक अवकाश रखा। इसके चलते पानीपत समेत जिले की पांचों तहसील में रजिस्ट्री और इंतकाल से संबंधित काम बंद रहे। एक दिन में दो से ढाई करोड़ रुपये के राजस्व को हानि पहुंची। वहीं बहुजन समाज पार्टी ने जिला सचिवालय पर प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
पार्टी नेताओं ने पहले जिला समाज कल्याण अधिकारी को ज्ञापन देने से मना कर दिया। उन्होंने उपायुक्त को आकर ज्ञापन लेने की मांग की। वे करीब 20 मिनट तक खड़े रहे। उन्होंने उपायुक्त के न आने पर जिला समाज कल्याण अधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
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हरियाणा रेवेन्यू ऑफिसर एसोसिएशन के आह्वान पर राजस्व विभाग के अधिकारी सोमवार को सामूहिक अवकाश पर चले गए। पानीपत, समालखा, बापौली, मतलौडा व इसराना तहसील में सुबह ही कोई अधिकारी नहीं मिला। जिसके चलते रजिस्ट्री और अन्य कार्य के लिए आईडी नहीं खुल पाई। ऐसे में रजिस्ट्री कार्य बंद रहे। लोगों का दोपहर तक तहसील में आना-जाना लगा रहा। इसके चलते सोमवार को करीब 110 टोकन रद्द हो गए। हड़ताल के चलते करीब 200 रजिस्ट्री नहीं हो पाई। इसके अलावा इंतकाल और जमाबंदी समेत अन्य कार्य भी नहीं हो पाए। मॉडल टाउन के विकास ने बताया कि वह सोमवार को अपने प्लॉट की रजिस्ट्री कराने आया था। पानीपत तहसीलदार की सेवानिवृति के बाद पद खाली है। नायब तहसीलदार अपनी सीट पर नहीं मिले। वे काफी देर तक इंतजार करते रहे। करीब एक घंटे बाद नायब तहसीलदार के अवकाश पर जाने की जानकारी मिली।
बसपा ने प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन
बहुजन समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को जिला सचिवालय पर प्रदर्शन किया। इसकी अगुवाई जिला प्रधान फूल सिंह और महासचिव गुरदयाल सिंह ने की। उन्होंने कहा कि आईपीएस वाई पूरन कुमार को प्रताड़ित किया गया। एक बड़े पद के अधिकारी को आत्महत्या करने जैसा कदम उठाना पड़ा। सरकार नाम सामने आने के बाद भी किसी पर कार्रवाई नहीं कर रही है। इससे समाज में रोष बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता उपायुक्त के मार्फत राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देने आए थे। उनकी बार-बार मांग के बाद भी उपायुक्त की बजाय दूसरे अधिकारी ज्ञापन लेने पहुंचे।