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14 घंटे में बदली रिपोर्ट कागजों में एक मंजिल से बनाई दो मंजिला

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पानीपत। 8 दिसंबर को अमर उजाला में प्रकाशित खबर। - फोटो : Panipat
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पानीपत। नगर निगम की संपत्ति कर शाखा के अधिकारियों व कर्मचारियों ने गड़बड़झाले की रिपोर्ट को बदल दिया है। बिना नंबर की इस फाइल पर दोबारा फिर से इमारत को दो मंजिला बना दिया गया है। बुधवार सुबह ही निगम की वेबसाइट पर इस 600 गज की इमारत का दो मंजिल के हिसाब से टैक्स बनाया गया, जिसमें भूतल और प्रथम तल भी दर्शाया गया। इसका कवर्ड एरिया भी 5400 की बजाए 10,800 वर्ग फीट दर्शाया गया।
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खास बात ये है कि निगम ने ये काम, मामला उजागर होने के महज 14 घंटे बाद बुधवार सुबह 10 बजे कर दिया। हालांकि अफसर चुप्पी साधे रहे। बातचीत करो तो बयानों से बचते रहे। दूसरी ओर निगम आयुक्त बुधवार शाम को संपत्ति कर शाखा में पहुंचे और इस मामले की रिपोर्ट तलब की। बताया जाता है कि आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को फटकार लगाई है।
ये था मामला-
बता दें कि नगर निगम की संपत्ति कर शाखा के अधिकारियों व कर्मचारियों ने वार्ड नंबर 20 के अंतर्गत आने वाले एरिया में संगीत-किशोर सिनेमा के पीछे महावीर कॉलोनी में एक 600 गज की एक लूमटैक्स कंपनी की इमारत को दो मंजिल से एक मंजिल कर दिखा दिया था। पुराने बिल में इसे दो मंजिला दर्शाया गया था और मौके पर इमारत भी दो मंजिल ही थी। अधिकारियों ने फाइल में इस इमारत को एक मंजिल दिखाकर कवर्ड एरिया भी आधा दिखा दिया था। इससे निगम को प्रॉपर्टी टैक्स और सरकार को भी इस इमारत की 50 प्रतिशत स्टांप ड्यूटी का चूना लग रहा था। यह खबर ‘अमर उजाला’ ने प्रकाशित की थी।
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दरअसल, संपत्ति कर की किसी भी फाइल को सही करने, इसमें बदलाव करने या जोड़-घटाने का काम वार्ड क्लर्क से लेकर टैक्स सुपरिंटेंडेंट, निगम उप आयुक्त एवं एडीएम जैसे अधिकारियों के पास होता है। इसकी जेई मौके पर जाकर रिपोर्ट भी बनाते हैं। फाइल बिना नंबर की थी, जिसमें मिलीभगत कर दो मंजिल इमारत को एक मंजिल बना दिया गया। जिसकी जिम्मेेदारी संबंधित सभी अधिकारियों की बनती है। मामले का खुलासा होने के बाद सभी बयान से बचते नजर आए।
मैं कई दिनों से छुट्टी पर था इसलिए मामले की पूरी जानकारी नहीं है। वीरवार को पहुंचकर फाइल की जांच करूंगा। गड़बड़ी मिलने पर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। - जितेंद्र सिंह, उप निगम आयुक्त (डीएमसी)
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