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बहू-बेटे को घर से निकालें नहीं तो कर लेंगे आत्महत्या

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पानीपत। रमा व अमृतपाल। - फोटो : Panipat
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पानीपत। अपने ही घर में घुट-घुटकर जी रहे हैं साहब! बहू-बेटे को घर से बाहर निकालो, नहीं तो हम आत्महत्या कर लेंगे...। यह कहकर 61 वर्षीय बुजुर्ग रमा शर्मा रो पड़ीं। वह और उनके पति अमृतपाल ने अपने बड़े बेटे और बहू को घर से निकालने की विधायक और मुख्यमंत्री से फरियाद की हैं। बुजुर्ग दंपती का आरोप है कि वे अपने घर में होने के बावजूद चैन से दो वक्त की रोटी तक नहीं खा पाते हैं।
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रमा ने बताया कि उनके पति अमृतपाल कई बार परेशान होकर घर छोड़कर आत्महत्या करने का प्रयास तक कर चुके हैं। उन्होंने सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि उन्हें उनके ही अपने बेटे और बहू के जुल्मों से आजाद करवाए। वरना उन्हें मजबूरी में यह आत्मघाती कदम उठाना पड़ेगा।
सात साल पहले किया था बेदखल, बिरादरी की बैठक में मांगी थी माफी
रमा ने बताया कि सात साल पहले उन्होंने अपने बेटे बहू को बेदखल कर दिया था। कोर्ट मेें केस तक किया था, जिसमें वह मुकदमा जीत भी गई थीं। इसके बाद उन्होंने बेटे दीपक और बहू नीतू को घर से जाने के लिए बोल दिया। इसके बाद उनके बेटे और बहू बिरादरी के सदस्यों को लेकर आए और उनके साथ बैठक की। उन्होंने माफी मांगी और साथ रहने को कहा तो उनका दिल पिघल गया। फिर उन्होंने साथ रहने के लिए हां कर दी। अब फिर से उनके बेटे और बहू उन्हें परेशान करने का काम कर रहे हैं।
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2021 में फिर किया था केस, जीतने के बाद पुलिस ने घर नहीं करवाया खाली
बुजुर्ग दंपती ने बताया कि उन्होंने 2021 में एक बार फिर बहू बेटे को बेदखल करने का केस लड़ा। इसमें वे जीत गए। रमा ने बताया कि 9 नवंबर से 29 नवंबर के बीच घर खाली करवाने के आदेश आए थे लेकिन पुलिस ने घर से उन्हें बाहर निकालने का काम नहीं किया। बुजुर्ग दंपती का कहना है कि सरकार सख्त आदेश दे जिससे उनका घर जल्द से जल्द खाली हो जाए और वह फिर दो वक्त की रोटी चैन से खा सकें।
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