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13 लाख रुपये से ज्यादा के रेमडेसिविर इंजेक्शन पांच माह बाद हो जाएंगे एक्सपायर

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रेमडेसिविर इंजेक्शन की मांग अब न के बराबर है। स्वास्थ्य विभाग के पास 13 लाख 35 हजार रुपये के 491 रेमडेसिविर इंजेक्शन का भारी भरकम स्टॉक पड़ा है। अब लागत न होने के कारण इन इंजेक्शन का बिना इस्तेमाल के एक्सपायर होने का खतरा बढ़ गया है। इन इंजेक्शन की वैधता 5 माह ही बची है। स्वास्थ्य विभाग ने अब तक लगभग 650 इंजेक्शन निजी अस्पतालों को दिए हैं।
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विभाग की ओर से सभी निजी अस्पतालों को ई-मेल भेजकर रेमडेसिविर इंजेक्शन खरीदने को कहा गया है, लेकिन निजी अस्पतालों ने इंजेक्शन खरीदने से इनकार कर दिया। निजी अस्पतालों का मत है कि उनके पास रेमडेसिविर इंजेक्शन की लागत नहीं है, क्योंकि जिले में कोरोना के मरीज नहीं आ रहे हैं। इसलिए वे इंजेक्शन खरीदकर स्टॉक नहीं कर सकते। मुख्यालय की ओर से भी स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए गए थे कि वे इन रेमडेसिविर इंजेक्शन को बेचे।
जब जरूरत थी तब मिले नहीं, अब क्या करें
सिवाह गांव के पास स्थित निजी अस्पताल के एक डॉक्टर ने बताया कि जब कोरोना पीक पर था। बिना इंजेक्शन के लोग मर रहे थे, तब समय पर इंजेक्शन नहीं मिले। अब वे इंजेक्शन खरीदकर क्या करेंगे।
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किसी दूसरी बीमारी में नहीं कर सकते इस्तेमाल
डॉक्टरों के अनुसार रेमडेसिविर इंजेक्शन को किसी दूसरी बीमारी में इस्तेमाल नहीं कर सकते। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से ऐसे कोई दिशा-निर्देश नहीं आए हैं।
35 हजार रुपये में बिका था एक रेमडेसिविर
अप्रैल और मई में कोरोना हजारों लोगों की मौत का कारण बना। रेमडेसिविर की कालाबाजारी इस कदर हुई कि एक इंजेक्शन को 35 हजार रुपये में बेेचा गया। पानीपत में 30 रुपये में एक इंजेक्शन तैयार करने के गिरोह का पर्दाफाश भी हुआ। करोड़ों रुपये के नकली इंजेक्शन बेच दिए गए। सरकार ने इसका रेट 2800 रुपये निर्धारित किया था।
पानीपत में कोरोना के मात्र तीन रोगी
जिले में अब कोरोना के मात्र तीन केस सक्रिय हैं। पिछले एक माह में कोरोना के 4 रोगी मिले हैं। अब तक कोरोना के 31099 केस मिल चुके हैं। जिले में 377634 लोग अपनी जांच करवा चुके हैं। कोरोना से 641 लोगों की मौत हुई है।
हमारे पास स्टॉक में फिलहाल 491 रेमडेसिविर इंजेक्शन हैं। इनकी एक्सपायरी रेट 5-6 माह बची है। निजी अस्पतालों को इंजेक्शन खरीदने के लिए पहले भी मेल भेजा गया था। मांग मिलने पर इंजेक्शन उपलब्ध कराते हैं।
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-नरेंद्र सिंह, चीफ फार्मासिस्ट, सिविल अस्पताल
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