अमर भवन चौक की रहने वाली एक दिवंगत महिला के खाते से उसके परिचित ने ही 2.28 लाख रुपये निकाल लिए और मात्र चार रुपये छोड़ दिए। बेटे ने बैंक जाकर पासबुक में एंट्री कराई तो रकम निकाले जाने की धोखाधड़ी का खुलासा हुआ।
बेटे ने बताया कि मां के खाते रुपये नहीं निकल रहे थे। इसके लिए उसनरे परिचित से मदद मांगी तो उसने काम कराने का झांसा देकर दस्तावेज ले लिए। आरोप है कि उसने ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कर खाते से रुपये निकाल लिए। किला थाना पुलिस ने परिचित के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी हैं अमर भवन चौक निवसी मनमोहन ने बताया कि उसकी मां जानकी देवी का 25 अगस्त 2020 को देहांत हो गया था। मां का एसबीआई बैंक में खाता था। उसे रुपयों की जरूरत पड़ी तो वह बैंक गया, जहां बैंक कर्मी ने कहा कि जानकी देवी के खाते का कोई वारिस नहीं है, रुपये निकलवाने के लिए अलग से फाइल तैयार की जाएगी।
उन्होंने दस्तावेज मंगाए, करीब दो माह तक वह बैंक और कोर्ट के चक्कर काटता रहा, लेकिन रुपये नहीं निकले। उसके बाद उसने अपने परिचित अमरजीत सिंह से मदद मांगी। जिसने आश्वासन दिलाया कि उसका दोस्त एसबीआई बैंक में जानकार है। वह उसकी मदद से रुपये निकलवा देगा। उसने अमरजीत ने दस्तावेज दे दिए। फरवरी और मार्च में रुपये नहीं निकले। इसी बीच बैंक में मां के खाते की पासबुक में एंट्री कराने गए तो खाते में मात्र चार रुपये मिले। उन्होंने बैंक में शिकायत दी। जांच हुई तो पता चला कि अमरजीत ने ही ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कर अपने और कैलाश खैर के नाम दर्ज एक खाते में नकदी ट्रांसफर की है।
मनमोहन ने बताया कि मां का मोबाइल नंबर खाते से जुड़ा हुआ है। जोकि बंद था। उसने जब नंबर चालू कराया तो रुपये कटने के मैसेज आया, जिसके बाद वह पासबुक में एंट्री कराने के लिए बैंक गया था। उसने बताया कि उसने अमरजीत से बैंक से संबंधित दस्तावेज वापस मांगे, लेकिन उसने कहा कि बैंक कर्मी दोस्त मोहित को दस्तावेज दिए हैं। वह बैंक गए और मैनेजर से मोहित के बारे में पूछा। खुलासा हुआ कि मोहित नामक युवक बैंक में काम ही नहीं करता है।
मनमोहन की शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज कर ली है, मामले की गहनता से जांच की जा रही है, जांच में जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- महिपाल सिंह, किला थाना प्रभारी