पहले दिन पुलिसकर्मियों की परेड की टुकड़ियों की कदमताल नहीं मिली और शनिवार को परेड के अभ्यास के दौरान दो महिला पुलिसकर्मी बेहोश हो गईं। सुबह एसपी ने तीन बार परेड का अभ्यास कराया, जिसके बाद दोपहर में फिर से तीन बार अभ्यास कराया गया। इस दौरान दो महिला पुलिसकर्मी बेहोश होकर ग्राउंड पर गिर गईं। एक को तो कुछ ही सेकंड में होश आ गया, जबकि दूसरी को एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया। जहां उपाचार के दौरान होश आया।
गणतंत्र दिवस ेकी दूसरे दिन परेड का अभ्यास कर रहीं दो महिला पुलिसकर्मी एकसाथ ही चक्कर खाकर गिरीं। शिवाजी स्टेडियम में एंबुलेंस मौजूद थी, जिससे अधिकारियों ने फौरन बुलाया। एक पुलिसकर्मी को तो 10 सेकंड में होश आ गया जबकि दूसरी महिला पुलिसकर्मी को होश नहीं आया। एंबुलेंस 27 सेकंड में पहुंची और उन्हें सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। जहां उपचार के दौरान 40 मिनट बाद होश आया। यह महिला पुलिसकर्मी मधुबन से परेड में हिस्सा लेने आईं थीं।
जिस पुलिसकर्मी को पहले होश आ गया था, उसे पानी पिलाने के बाद पहले ही घर भेज दिया गया था। दूसरी पुलिस कर्मी सिविल अस्पताल से इलाज के बाद स्टेडियम पहुंची, जहां से उसे भी घर भेज दिया गया। महिला पुलिसकर्मियों को अस्पताल ले जाने के बाद शिवाजी स्टेडियम में 50 मिनट तक कोई भी एंबुलेंस बैकअप में नहीं थी।
शनिवार की सुबह परेड का अभ्यास कराने का जिम्मा खुद एसपी शशांक कुमार सावन ने उठाया। उन्होंने सुबह 10 से 11:30 बजे तक परेड कराई। कदम से कदम मिलकर चलना और हाथ का सही मूवमेंट रखना बताया। सुबह ही तीन बार परेड कराई, जिसके बाद दोपहर दो बजे फिर पुलिसकर्मियों की परेड का अभ्यास शुरू किया गया। यह अभ्यास नूहं के एएसपी हेमेंद्र कुमार ने कराया। जिसमें उन्होंने परेड के दो राउंड कराए।