पानीपत। रिफाइनरी के जेई की पत्नी ने टाउनशिप स्थित अपने क्वार्टर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घर में डिलीवरी ब्वॉय सामान लेकर पहुंचा और उसने ओटीपी मांगा तो 11 वर्षीय बेटी मम्मी के कमरे में गई। कमरा बंद था, बेटी ने जेई पिता को फोन कर घर बुलाया। उन्होंने खिड़की से देखा तो वह चुन्नी से फंदे पर लटकी हुई थी। सदर थाने की पुलिस ने बृहस्पतिवार को शव का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया।
मूलरूप से बिहार के भागलपुर निवासी सुभाष शर्मा ने बताया कि वह पानीपत रिफाइनरी में प्रोडक्शन एसडीपी डिपार्टमेंट में जेई हैं। वर्ष 2008 से रिफाइनरी टाउनशिप में अपनी पत्नी श्वेता और दोनों बेटियों के साथ रहते थे। उसकी पत्नी मानसिक रूप से बीमार रहती थीं। उनका पिछले पांच साल से इलाज चल रहा था। 20 जनवरी को पत्नी की तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्होंने अपनी सास गीता को पानीपत बुला लिया था। अब सास भी उन्हीं के साथ रह रही थीं। बुधवार दोपहर डेढ़ बजे वह खाना खाकर ड्यूटी पर चले गए। घर पर पत्नी, सास और दोनों बेटियां थीं। घर पर डिलीवरी ब्वाॅय सामान लेकर पहुंचा। उसने सामान देने के बाद ओटीपी मांगा तो बड़ी बेटी ओटीपी लेने के लिए पत्नी श्वेता के कमरे में गई। कमरा लॉक था, बेटी ने उसे फोन कर सूचना दी। वह पहुंचे और आवाज लगाई, लेकिन पत्नी का कोई जबाव नहीं आया। उन्होंने खिड़की से देखा तो पत्नी चुन्नी के फंदे से लटकी थी। दरवाजा तोड़कर अंदर गए और उसे फंदे से उतारा।
सुभाष शर्मा ने बताया कि श्वेता की मां घर पर थीं। उनके सामने ही वह चुन्नी उठाकर कमरे में ले गई थी। सास ने समझा श्वेता वॉशिंग मशीन में कपड़े डालने के लिए ले जा रही है, लेकिन वह नहीं लौटी। सुभाष ने बताया कि उनकी दो बेटियां हैं। बड़ी बेटी 12 और छोटी चार वर्ष की है।
पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है। मामले में 174 की कार्रवाई की गई है।
- राम निवास शर्मा, सदर थाना प्रभारी